छात्रा हत्याकांड को लेकर सांसद पप्पू यादव ने किया रहठा गांव का दौरा, पीड़ित परिवार से मिलकर दिया न्याय का भरोसा
सुपौल,अंग भारत। छात्रा हत्याकांड और दुष्कर्म को लेकर मंगलवार को पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने त्रिवेणीगंज प्रखंड के रहठा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार के परिजनों से मिलकर उन्हें न्याय का भरोसा दिया। इस मौके पर परिजनों से मृतिका के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या कर उसे पेड़ से लटकाये जाने की क्रूरतम घटना को सुनकर सांसद की आंखें भी डबडबा गई। मौके पर सांसद ने मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है, जब पूरा परिवार उत्सव में था। पूरा समाज और गांव के लोग इस उत्सव के साथ-साथ सभी बहनें अपने हाथों में मेहंदी लगाई थी। इस बीच उस बच्ची को घर के चापाकल से उठाकर लेकर चले गए। इतनी बड़ी जघन्य घटना हुई है। उन्होंने कहा कि बलात्कार हुआ या नहीं यह मैं अभी नहीं बताऊंगा। लेकिन मैं इतना जानता हूं कि उसे उठाकर ले जाया गया और इसका मतलब ही है कि बलात्कार किया गया। यह पोस्टमार्टम बताएगा। लेकिन मैं इतना जानता हूं कि उसकी हत्या की गई। हत्या इसलिए किया गया होगा कि उसने बलात्कार का विरोध किया गया होगा या उसके बलात्कार के बाद उसे मारकर पेड़ में उस बेटी को दरिन्दों ने लटका दिया। सांसद ने कहा की बेटी घर की उम्मीद होती है। इस हादसे से इस परिवार के हर एक सदस्य के उसकी स्थिति को देखिए। सांसद ने कहा कि मुझे रात में इस घटना की जानकारी मिली। मैंने अपने साथियों से कहा मुझे वहां जाना है। मेरी बात डीआईजी साहब से हुई। उन्होंने कहा कि तुरंत न्याय मिलेगा। और एसपी साहब ने पूरी मजबूती से कहा कि इस केस को मैं खुद देख रहा हूं। उन्होंने कहा कि अन्याय नहीं होगा मुझे एसपी साहब पर भरोसा है। इस घटना का स्पीडी ट्रायल होना चाहिए। यह मेरी मांग है। इसमें शामिल दरिंदों को तीन महीने के अंदर फांसी की सजा दिलानी होगी। अगर थाना प्रभारी ने अपराधियों को छोड़ा है तो इस थाना प्रभारी को निश्चित रूप से सस्पेंड होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को हमसे लड़ने से क्या मिलेगा। पहले बिहार की बच्चियों को बचाओ। मेरे साथ आज क्या हो रहा है। नीट के बच्ची के सवाल को लेकर मुझे मरवाने की साजिश रची जा रही है। मेरी सुरक्षा छीन ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मैं लगातार यह सवाल उठा रहा हूं बिहार में बच्चियों का मानव तस्करी हो रहा है। भागलपुर की दो बच्चियों ने इस सवाल को खड़ा किया है।

Mohan Milan