देवभूमि मंदार में ब्रज शैली की भव्य होली की तैयारी तेज, मधुसूदन दरबार सजेगा रंग-गुलाल से
बौंसी/बांका/अंगभारत:- रंगों का महापर्व होली आने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, और देवभूमि मंदार में तैयारियां जोरों पर हैं। यहां होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और ब्रज संस्कृति का अद्भुत संगम है। बौंसी प्रखंड स्थित पवित्र मंदार पर्वत पर अवस्थित भगवान मधुसूदन के दरबार में हर वर्ष की तरह इस बार भी ब्रज शैली की पारंपरिक होली की तैयारियां परवान चढ़ने लगी हैं। माना जाता है कि यहां विराजमान भगवान मधुसूदन का संबंध द्वारिकाधीश स्वरूप सांवरे कन्हैया यानी राधा-कृष्ण से जुड़ा है, यही कारण है कि यहां होली ब्रज की तर्ज पर खेली जाती है। पंडा समाज के अनुसार यह परंपरा आदि काल से चली आ रही है और आज भी पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। मंदिर परिसर को रंगीन रोशनी, फूलों की मालाओं और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया जा रहा है। इत्र और सुगंधित अबीर-गुलाल से भगवान का विशेष श्रृंगार होगा। मंदिर के नीलमणि बाबा ने बताया कि होली की संध्या पर भगवान को भव्य फग्दोल मंदिर में फूलों के सिंहासन पर विराजमान कर झूला झुलाया जाएगा। ढोल-नगाड़ों और फाग गीतों के बीच भक्तगण आनंद और भक्ति में सराबोर होकर प्रभु को रिझाएंगे। इंद्रधनुषी विशाल छतरी के नीचे भगवान की शोभायात्रा निकलेगी और फिर फूलों व रेशमी वस्त्रों से सजे झूले पर उन्हें विराजमान कराया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन भगवान के दर्शन और चरण स्पर्श से भक्तों को जन्म-जन्मांतर के दुखों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। राजस्थानी रंगीन पगड़ियों और विशेष सजावट के साथ इस बार का आयोजन और भी भव्य होने जा रहा है। इस तरह मंदार में होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव बनकर पूरे अंग क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंगने को तैयार है।

Mohan Milan