बिहार

पटना के आईजीआईएमएस में विधायक कोटा की मांग, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया आश्वासन

पटना,अंग भारत।  बिहार विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सदन में गंभीर चर्चा के साथ-साथ हल्का-फुल्का हास्य भी देखने को मिला। मुजफ्फरपुर जिले के सकरा से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक आदित्य कुमार ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में विधायकों के लिए विशेष कोटा और प्राथमिकता व्यवस्था की मांग उठाई।विधायक आदित्य कुमार ने सदन में कहा कि कई बार उनके फोन और अनुरोध के बावजूद मरीजों को आईजीआईएमएस में बेड उपलब्ध नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जब वे मरीजों के इलाज के लिए सिफारिश करते हैं, तब भी उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। इस कारण आम मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।उन्होंने सरकार से मांग की कि आईजीआईएमएस में विधायकों के अनुरोध पर मरीजों के लिए प्राथमिकता सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट व्यवस्था बनाई जाए।इस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कोटे से स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जवाब देते हुए कहा कि अस्पताल में जब बेड खाली रहेंगे, तभी मरीजों को भर्ती किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विधायकों के अनुरोधों को गंभीरता से लेती है और प्राथमिकता के आधार पर मामलों की समीक्षा की जाती है।मंत्री ने यह भी घोषणा की कि आईजीआईएमएस में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत जल्द ही 24०० नए बेड जोड़े जाएंगे, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज और अधिक सुविधा मिल सकेगी।चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक चन्द्रशेखर ने सवाल उठाया कि यदि एम्स पटना में विधायकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो आईजीआईएमएस में भी बिहार के जनप्रतिनिधियों के लिए ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकती।इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि चन्द्रशेखर जी हर महीने कई मामलों की पैरवी करते हैं और वे सुबह से देर रात तक उनकी सिफारिशें सुनते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फोन पर जो बातें होती हैं, उन्हें सदन में कहना विपक्ष को असहज कर सकता है।बहस के दौरान सत्ताधारी दल और विपक्ष के विधायकों के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। वित्त मंत्री विजय चौधरी ने मजाकिया अंदाज में कहा कि सत्ताधारी दल के सदस्य भी अब प्राथमिकता को लेकर ईर्ष्या महसूस कर रहे हैं।वहीं राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने माहौल को हल्का करते हुए चुटकी ली कि शायद चन्द्रशेखर जी के पास “भाभी जी का नंबर” हो, क्योंकि उनकी बात जल्दी सुनी जाती है, जबकि अन्य विधायकों की नहीं। इस टिप्पणी के बाद सदन में ठहाके गूंज उठे और कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया।आईजीआईएमएस में बेड की उपलब्धता और विधायकों के अनुरोधों को लेकर हुई इस बहस में स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों के साथ-साथ राजनीतिक तंज और हास्य भी देखने को मिला। सरकार ने जहां स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का भरोसा दिलाया, वहीं विधायकों ने जनप्रतिनिधियों की सिफारिशों को प्राथमिकता देने की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।