महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ दरबार में आस्था का जनसैलाब,श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा
पूरी रात शिवभक्त दर्शन के लिए रहे कतारबद्ध,मंगलाआरती के बाद अनवरत दर्शन
वाराणसी,अंग भारत। महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को श्री काशी विश्वनाथ दरबार में दर्शन पूजन और जलाभिषेक के लिए आम शिवभक्तों के साथ नागा सन्तों, सन्यासियों का सैलाब उमड़ पड़ा। काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ और आदि शक्ति मां पार्वती के मिलन के महापर्व का साक्षी बनने के लिए शिवभक्तों की मंगला आरती से लेकर आधी रात शयन आरती तक दरबार में जाने के लिए अटूट कतार लगी हुई है। सुरक्षा व्यवस्था के अभेद्य किलेबन्दी के बीच मंदिर के गर्भगृह के बाहर बने पात्र से श्रद्धा अनुराग की अखंड जलधार बेलपत्र मदार धतुरा दुग्ध जल ज्योििर्तलंग पर बहती रही। आधी रात के बाद से ही पूरा मंदिर परिक्षेत्र हर-हर महादेव, हर-हर, बम-बम के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान है। यही, हाल जिले और शहर के प्रमुख शिवमंदिरों से लेकर छोटे—बड़ें शिवालयों का है। पूरे जिले में कंकर कंकर शंकर का नजारा दिख रहा है।इसके पूर्व बाबा दरबार में हाजिरी लगा पुण्य बटोरने के लिए शनिवार शाम से ही लाखों शिवभक्त बैरिकेडिग में कतार बद्ध होते चले गये। जैसे-जैसे रात चढ़ती गयी कतार का दायरा भी बढ़ता गया। सर्द हवाएं हर हर महादेव, काशी विश्वनाथ गंगे के उद्घोष से पनाह मांगती नजर आईं। मंगला आरती के बाद अल सुबह तक बाबा दरबार में जाने के लिए डेढ़ से दो किमी लम्बी लाइन लग गयी। पूरी रात लाइन में खड़े होने के बावजूद शिवभक्तों के चेहरे पर थकान नहीं दिखी। थकान मिटाने में हर हर महादेव का गगनभेदी उद्घोष रामबाण साबित हो रहा था। बाबा दरबार में पहुंचने के बाद तो भक्तों का उत्साह देखते बन रहा था। इस दौरान किसी ने दूध से तो किसी ने गंगा जल तो किसी ने इत्र और भस्म से बाबा को नहवाया।श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ विश्वभूषण मिश्र के अगुवाई में अफसरों ने मंगलाआरती के बाद धाम में कतारबद्ध श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया। मंदिर न्यास के अनुसार, मंगला आरती के बाद सुबह 6 बजकर 4० मिनट तक 1 लाख 6० हजार शिवभक्तों ने दर्शन कर लिया था। सुबह के सात बजे यह संख्या दो लाख से अधिक हो गई। पूर्वांह ०9 बजे तक दर्शनार्थियों की संख्या चार लाख हो गई। मंदिर न्यास के अनुसार, महाशिवरात्रि पर्व पर 45 घंटे तक स्पर्श दर्शन नही मिलेगा। श्रद्धालु बाबा का झांकी दर्शन कर रहे है। मंदिर के ढुंढिराज गेट, गंगाद्बार, सरस्वती फाटक सभी पांचों द्बार से दर्शन के लिए प्रवेश दिया जा रहा है।महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा शहर और आस- पास के सभी शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गौरी केदारेश्वर, महामृत्युंजय, कृतिविशेश्वर, बैजनत्था, शूलटंकेश्वर, मार्कण्डेय महादेव, रामेश्वर, ऋणमुक्तेश्वर महादेव समेत छोटे शिवालयों में भी भारी भीड़ जलाभिषेक के लिए पहुंच रही है। इसके अलावा बीएचयू स्थित नये काशी विश्वनाथ मंदिर में भी लाखों भक्तों ने मत्था टेका। यहां कुलपति ने भी रूद्राभिषेक किया।महाशिवरात्रि पर्व पर वाराणसी जिला और पुलिस प्रशासन भी खासा चौकस है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल,आईजी, डीआइजी ,डीसीपी काशी जोन, जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार सहित अन्य अफसर व्यवस्था पर नजर रखने के लिए गश्त करते दिखे। मंदिर परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी से हो रही है। इसके अलावा मंदिर परिक्षेत्र में लगाये गए वॉच टॉवर पर पूरे दिन पुलिस के जवान दूरबीन और हाईटेक वेपेन्स के साथ मुस्तैद है। वहीं,काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ने वाली हर सड़क पर आरएएफ, पीएसी के जवान तैनात हैं। शहर में पुलिस और पीएसी के लगातार मूवमेंट ने कहीं भी अव्यवस्था नहीं होने दी। ट्रैफिक डायवर्जन को भी कड़ाई से लागू कराया गया है।

Milan Boss