बिहार

सारण में मटकोर की रस्म के साथ बाबा भोलेनाथ के विवाह की तैयारी तेज

सारण,अंग भारत।  महाशिवरात्रि के पूर्व बाबा भोलेनाथ के विवाहोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। शहर के मनोकामनाथ मंदिर में चल रहे विशेष उत्सव के क्रम में, बाबा के तिलक उत्सव के पश्चात बीती रात पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कथा मटकोर का आयोजन श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ किया गया।मनोकामनाथ मंदिर समिति के संरक्षक एवं पूर्व प्राचार्य प्रोफ़ेसर अरुण सिह ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सनातन परंपरा में विवाह से पूर्व मटकोर की रस्म का विशेष महत्व है।इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए मंदिर परिसर में कथा मटकोर का आयोजन हुआ। उन्होंने ने बताया कि इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें शहर के हर वर्ग और समाज के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विशेष रूप से महिलाओं ने इस रस्म में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने मंगल गीत गाए और मटकोर की रस्म के दौरान गाए जाने वाले विशेष लोक गीतों से वातावरण को शिवमय बना दिया। हल्दी और मटकोर की रस्मों के दौरान पूरा मंदिर परिसर बाबा भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। डीजे की रंग-बिरंगी रोशनी और भक्तिमय गीतों की धुनों पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी शिवभक्ति में रंगे नजर आए।महिलाओं और बच्चों ने भक्ति गीतों पर जमकर नृत्य किया। आधुनिकता और परंपरा के इस संगम ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर डॉक्टर राकेश सिह ने कहा कि बाबा भोलेनाथ का विवाह पूरे शहर के लिए उत्सव का विषय है। मटकोर की यह रस्म हमारी संस्कृति और आस्था का प्रतीक है, जिसमें पूरा समाज एक सूत्र में बंधकर खुशिया मना रहा है।मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन बाबा की भव्य बारात निकाली जाएगी, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं।