भागलपुर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने वर्ष प्रतिपदा उत्सव मनाया, निकाला गया पथ संचलन

भागलपुर अंगभारत। रविवार को स्थानीय आनंद राम ढाढणिया सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भागलपुर महानगर इकाई के तत्वावधान में वर्ष प्रतिपदा उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष की तरह पथ संचलन शहर के विभिन्न मार्गों से निकला गया। पथ संचलन में 312 स्वयंसेवकों ने भाग लिया तथा घेाषवाद यंत्र की ध्वनि पर संचालन किया। उसके पश्चात 4:3० बजे से बौद्धिक कार्यक्रम हुआ। उसमें स्वयंसेवकों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में नागरिक बंधुओ ने भी भाग लिया। बौद्धिक कार्यक्रम में मंच पर महानगर संघ चालक डॉ चंद्रशेखर शाह तथा दक्षिण बिहार के प्रांत बौद्धिक प्रमुख उपेंद्र भाई त्यागी उपस्थित थे। स्वयंसेवकों और नागरिकों को संबोधित करते हुए उपेंद्र त्यागीजी ने कहा कि आज वर्ष प्रतिपदा उत्सव पर समाज के सभी बंधुओ को बधाई दी। उन्होंने आगे कहा कि आज का दिन अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है। आज सृष्टि का प्रथम दिवस है संघ संस्थापक डॉक्टर हेडगेवार का जन्म दिवस है । आर्य समाज का स्थापना दिवस है। आज प्रथम नवरात्र का प्रथम दिन भी है। स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर गया है इसलिए संघ की स्वयंसेवको से अपेक्षा बड़ी है। भारत से विश्व की अपेक्षा बढ़ी है। पूज्य डॉक्टर जी ने संघ का बीजारोपण संपूर्ण अखंड भारत में कर दिया था। 194० तक संघ की शाखा प्रत्येक जिला केंद्र पर खड़ी हो गई थी। यह संघ की प्रथम पीढ़ी का प्रयास था। संघ की दूसरी पीढ़ी में परम पूजनीय श्री गुरु ने संघ को विस्तारित किया और समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र तथा भारत के सभी क्षेत्रों में विस्तार किया । अनेक अनुसांगिक संगठनों के माध्यम से संघ विचार को प्रसारित किया। संघ की तीसरी पीढ़ी के स्वयंसेवको ने संघ को समाज व्यापी बनाया है। आज संघ की चौथी पीढ़ी कार्य कर रही है। चौथी पीढ़ी में संघ को सर्वव्यापी बनाया है आज समाज में संघ को स्वीकृति मिल गई है । उपेंद्र त्यागी ने जोर देकर कहा कि आज संघ को स्वयंसेवकों से पांच अपेक्षा है। स्वयंसेवको को अपने स्वयं के व्यवहार, आचरण, कार्य, स्वभाव में परिवर्तन लाना होगा। दूसरा अपने परिवार में संघ के विचार, व्यवहार को ले जाना होगा। कारोबार पेशा में भी संघानुकूल परिवर्तन करना होगा । चौथा अपने पड़ोस में भी अपने व्यवहार से परिवर्तन लाने की आवश्यकता है । पांचवा अपने मोहल्ले और गांव में परिवर्तन लाने की भी आवश्यकता हैं ।सामाजिक समरसता का भाव लेकर समाज में परिवर्तन लाएं। उन्होंने हिदू समाज की समस्याओं और विकृतियों को दूर करने हेतु पांच प्रण अर्थात संकल्प की भी बात की । सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण , कुटुंब प्रबोधन । स्वदेशी भाव का बोध। और पांचवा नागरिक कर्तव्य की विस्तार से चर्चा की ।उन्होंने कहा कि संघ आगामी नवंबर माह में शताब्दी वर्ष के अवसर पर इन्हीं पांच प्रणो को लेकर समाज परिवर्तन की दिशा में कार्य करने वाला है और समाज के बीच जाने वाला है। बौद्धिक के पूर्व डॉक्टर हेडगेवार को आद्य सर संचालक प्रणाम दिया गया। महानगर प्रचार प्रमुख रवि सिहा ने कहा की इस अवसर परबालमुकुंद, रतन भलोटिया, अजीत घोष, राज कुमार जिलोका, रवि पंडित , राहुल ,श्रीधर, संदीप, सिद्धार्थ दीपक घोष , निरंजन , नीरज शुक्ला,उत्तम इत्यादि लोग वयवस्था में लगे थे।

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