26 फरवरी को होने वाले NDMA भूकम्प परिदृश्य अभ्यास को लेकर समाहरणालय में व्यापक तैयारी, डीएम ने दिए कड़े निर्देश
सुपौल,अंग भारत। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2026 को प्रस्तावित भूकम्प परिदृश्य अभ्यास को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय, सुपौल स्थित लहटन चौधरी सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सावन कुमार जिलाधिकारी, सुपौल ने की। बैठक का उद्देश्य संभावित भूकम्पीय आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करना था।बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाएं पूर्व सूचना के बिना आती हैं, इसलिए प्रशासनिक तंत्र को हर समय तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि 26 फरवरी को आयोजित होने वाला यह अभ्यास केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा की स्थिति में हमारी क्षमता, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया का परीक्षण है। अतः सभी विभाग इसे गंभीरता से लें और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तत्परता से करें।बैठक के दौरान आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने, राहत एवं बचाव कार्यों की रूपरेखा तय करने, संचार व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, एम्बुलेंस की उपलब्धता एवं ब्लड बैंक की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अग्निशमन विभाग को संभावित आगजनी की घटनाओं से निपटने हेतु आवश्यक उपकरण एवं कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया।नगर परिषद/नगर पंचायत को मलबा हटाने, अस्थायी शरण स्थल चिन्हित करने तथा पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। विद्युत विभाग को आपदा की स्थिति में विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर त्वरित बहाली के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए।बैठक के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की ओर से आए प्रशिक्षक द्वारा भूकम्प से बचाव, राहत एवं रेस्क्यू ऑपरेशन से संबंधित विस्तृत पीपीटी प्रस्तुति दी गई। प्रस्तुति में बताया गया कि भूकम्प के दौरान “ड्रॉप, कवर एंड होल्ड” जैसे सुरक्षा उपायों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही खोज एवं बचाव (Search & Rescue) अभियान, घायलों को प्राथमिक उपचार, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने की तकनीक तथा आपातकालीन संचार प्रणाली की कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी गई।प्रशिक्षक ने बताया कि अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक भूकम्प परिदृश्य तैयार किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों की भूमिका का परीक्षण किया जाएगा। इससे यह आकलन किया जा सकेगा कि वास्तविक आपदा की स्थिति में किस प्रकार त्वरित और समन्वित कार्रवाई की जा सकती है।बैठक में मो० तारिक, अपर समाहर्त्ता (आपदा प्रबंधन), सुपौल, सच्चिदानंद सुमन, अपर समाहर्त्ता, सुपौल, मनोहर कुमार साहु, अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल, अमित कुमार, अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल, उप कमाण्डेंट/टीम लीडर, 9वीं वाहिनी, थुमहा कैम्प, पिपरा सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।जिलाधिकारी ने अपर समाहर्त्ता, सुपौल को निर्देशित किया कि 26 फरवरी 2026 को आयोजित भूकम्प अभ्यास के सफल संचालन हेतु सभी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि अभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अभ्यास के बाद विस्तृत समीक्षा कर कमियों की पहचान की जाए और उन्हें दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन पूरी तत्परता और दक्षता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर सके।बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने भूकम्प परिदृश्य अभ्यास को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग और समन्वय का आश्वासन दिया।

Mohan Milan