3 मार्च को प्रखंड क्षेत्र में रंगों की धूम: मंदिरों में गूंजे फाग गीत, दृष्टिबाधित बादल की प्रस्तुति बनी आकर्षण
बौंसी/बांका/अंगभारत :- बौंसी प्रखंड क्षेत्र में होली का रंग चढ़ने लगा है। 3 मार्च को रंगों का महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन उससे पहले ही मंदिरों और गलियों में फागुन की मस्ती झलकने लगी है। बौंसी नगर के दलिया गाँव में होली की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। नगर पंचायत के वार्ड नंबर 18 समेत आसपास के इलाकों में मंदिरों से होली भजन और फाग गीतों की मधुर स्वर लहरियां गूंज रही हैं। ढोल और मंजीरे की थाप पर हर शाम होली महफिल सज रही है। लोग समूह बनाकर पारंपरिक गीत गा रहे हैं और वातावरण रंग और उमंग से सराबोर हो चुका है। मंदिरों में ‘राधा-कृष्ण’ के भजन गूंज रहे हैं। राधा और कृष्ण की भक्ति में डूबे श्रद्धालु फागुनी गीतों के साथ सत्संग कर रहे हैं। युवा वर्ग रंग-बिरंगे होली कार्ड बांटकर पर्व का संदेश फैला रहा है—प्रेम, भाईचारा और सौहार्द का। इसी बीच स्थानीय निवासी सुबोध सिह के पुत्र बादल कुमार सिह की प्रस्तुति चर्चा का विषय बनी हुई है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद बादल ढोल की थाप पर थिरकते हुए पारंपरिक होली गीत गा रहे हैं। उनकी आवाज में ऐसा जोश और भाव है कि श्रोता भावविभोर हो जाते हैं। बादल कहते हैं, “अंधेरे में भी होली का उजाला महसूस होता है। ढोल की धुन ही मेरी रोशनी है।” दलिया में होली सिर्फ रंगों का नहीं, बल्कि हौसले, भक्ति और एकता का उत्सव बन चुकी है। अब सबको इंतजार है 3 मार्च का, जब पूरा इलाका रंगों में सराबोर नजर आएगा।

Mohan Milan