Founder – Mohan Milan

बिहार में 21 जेलों में बनेंगे 44 आवासीय भवन, खर्च होगा 88.89 करोड़ रुपये

पटना,अंग भारत। बिहार सरकार ने कारा कर्मियों के लिए बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बताया कि राज्य की 21 काराओं में कुल 44 बी-टाइप (जी+3) आवासीय भवन बनाए जाएंगे, ताकि कारा कर्मियों को किराया मुक्त और आधुनिक आवासीय सुविधा मिल सके।

प्रत्येक भवन की लागत और परियोजना का बजट

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक भवन की लागत 202.04 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके आधार पर कुल परियोजना की अनुमानित लागत 88 करोड़ 89 लाख 76 हजार रुपये तय की गई है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 और आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

कानूनी प्रावधानों के तहत लागू योजना

सम्राट चौधरी ने कहा कि यह योजना बिहार कारा हस्तक 2012 के नियमों के तहत लागू की जा रही है। इसके अनुसार, मुख्य कक्षपाल और उससे ऊपर के अधिकारियों को कारा परिसर में किराया मुक्त आवास उपलब्ध कराना अनिवार्य है। योजना में 10 प्रतिशत कक्षपालों को पारिवारिक आवास और शेष को एकल आवासीय सुविधा देने का प्रावधान शामिल है।

राज्य में कारा कर्मियों की संख्या और आवश्यकताएं

राज्य में वर्तमान में 5034 कक्षपाल पद स्वीकृत हैं। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।

निर्माण कार्य और स्थान

सम्राट चौधरी ने बताया कि मुजफ्फरपुर-02, पूर्णिया-03, मोतिहारी-04, आरा-02, भभुआ-02, बेतिया-01, सिवान-02, दरभंगा-02, मधुबनी-02, सीतामढ़ी-02, सुपौल-02, कटिहार-02, किशनगंज-02, सहरसा-02, बेगूसराय-02, जमुई-02, लखीसराय-02, मुंगेर-02, शेखपुरा-02, औरंगाबाद-02 और नवादा-02 सहित 21 काराओं में कुल 44 भवन बनाए जाएंगे।

लक्ष्य और लाभ

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए सरकार लगातार आधारभूत संरचना के विकास पर काम कर रही है। हाल ही में पूर्वी चंपारण, अररिया, सारण, बेगूसराय और किशनगंज में थाना भवन और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 46.34 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई।इस योजना के पूरा होने के बाद कारा कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें काम करने के लिए अनुकूल वातावरण मिलेगा और जेल प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद है। इससे राज्य की जेल व्यवस्थाओं को आधुनिक और सुरक्षित बनाने में भी मदद मिलेगी।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
Picture of अंग भारत • रिपोर्टर

अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

Related Posts
Recent Posts