रजौन/बांका/अंग भारत। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के अधिकारियों द्वारा रजौन प्रखंड अंतर्गत चकमुनिया (मुनियाचक) गांव में विशेष क्षेत्र निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी तारकेश्वर रजक की देखरेख में चने की फसल के लिए ‘फसल कटनी प्रयोग’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्य की महत्ता को देखते हुए भागलपुर से आए वरीय सांख्यिकी पदाधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण की प्रक्रिया के तहत चकमुनिया गांव में दो अलग-अलग प्लॉटों का चयन किया गया था। इसके बाद संबंधित किसानों की उपस्थिति में 10 मीटर x 5 मीटर के निर्धारित क्षेत्र में फसल की कटनी कराई गई, जिसकी उपज का अंतिम माप भी ले लिया गया है। वरीय पदाधिकारी संजय कुमार मिश्रा ने इस प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ‘फसल कटनी प्रयोग’ का मुख्य उद्देश्य विभिन्न फसलों के उत्पादन दर का सटीक आकलन करना है। भारत सरकार समय-समय पर अनाज उत्पादन का डेटा एकत्रित करती है, ताकि कृषि क्षेत्र में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जा सके। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गांव के किसानों द्वारा खेती में स्थानीय बीज का प्रयोग किया गया था। इस अवसर पर किसान सलाहकार अस्तांचल एवं आशीष के अलावा स्थानीय प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।










