गुवाहाटी,अंग भारत। 16वीं असम विधानसभा चुनाव के लिए चल रहा जोरदार चुनाव प्रचार मंगलवार को शाम 5 बजे थम जाएगा। निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार अभियान बंद करना अनिवार्य है। ऐसे में 9 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले आज राजनीतिक दलों के पास मतदाताओं को रिझाने का अंतिम मौका है।
अंतिम दिन दिखा चुनावी उत्साह
प्रचार के आखिरी दिन सुबह से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। प्रमुख दलों के नेता और उम्मीदवार अंतिम दौर में जनसभाएं, रोड शो और घर-घर संपर्क अभियान के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे रहे।
सत्ता के लिए भाजपा का जोरदार अभियान
सत्ताधारी भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ आक्रामक प्रचार कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेताओं ने राज्य में कई जनसभाएं कर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में बरपेटा, होजाई और डिब्रूगढ़ सहित कई स्थानों पर रैलियों को संबोधित किया।
कांग्रेस समेत विपक्ष भी मैदान में सक्रिय
वहीं कांग्रेस ने भी चुनाव को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रचार कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी अल्पसंख्यक वोटरों को साधने के लिए प्रचार अभियान चलाया।
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प्रचार के बीच विवादों ने भी पकड़ी सुर्खियां
चुनावी माहौल के बीच कुछ विवाद भी चर्चा में रहे। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा से जुड़ा पासपोर्ट मुद्दा उठाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। इस मुद्दे ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया।
722 उम्मीदवार मैदान में, कड़ा मुकाबला
इस बार असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 663 पुरुष और 59 महिला उम्मीदवार शामिल हैं। कांग्रेस ने 99 सीटों पर और भाजपा ने 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल भी चुनावी मैदान में हैं, जबकि 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।
2.5 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर कुल 2 करोड़ 50 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें पुरुष मतदाता 1.25 करोड़ से अधिक, महिला मतदाता लगभग इतनी ही संख्या में और 321 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं।
मतदान के लिए व्यापक तैयारियां
मतदान के लिए राज्यभर में 31 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहली बार वोट करने वाले युवाओं की संख्या भी उल्लेखनीय है, जिससे चुनाव में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
पिछले चुनाव का प्रदर्शन
2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने 76 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 49 सीटें मिली थीं। इस बार भी मुकाबला कड़ा माना जा रहा है और सभी की नजरें 9 अप्रैल के मतदान पर टिकी हैं।










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