पटना,अंग भारत| पटना में स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने 4954 नवनियुक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (एएनएम) को नियुक्ति पत्र वितरित किया। यह कार्यक्रम शास्त्रीनगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सांकेतिक रूप से विनीता कुमारी, स्वाति कुमारी और रौशनी कुमारी को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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स्वास्थ्य सेवा में आएगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एएनएम की यह नियुक्ति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में इन कर्मियों की अहम भूमिका होगी।उन्होंने भरोसा जताया कि सभी नवनियुक्त महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी।
कार्यक्रम में कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। इसके अलावा जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ चन्द्रशेखर सिंह और बिहार स्वास्थ्य सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अमित कुमार पाण्डेय भी इस मौके पर उपस्थित थे।जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, खासकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में।इस पहल से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं, और इस दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित हो सकता है।









