भागलपुर,अंग भारत। जिले के जोगसर थाना क्षेत्र के दीपनगर मोहल्ले में गुरुवार को 22 वर्षीय छात्रा सुलेखा कुमारी का शव उसके कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। सुलेखा लोदीपुर के तहबलपुर की निवासी थी और पिछले तीन महीनों से चौथी मंजिल पर अकेले किराए के कमरे में रहकर बिहार पुलिस की तैयारी कर रही थी।
संदिग्ध हालात और मौके पर एफएसएल जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्यों की जांच शुरू की। शव दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ मिला, लेकिन फर्श पर अधलेटा था। कमरे का दरवाजा खुला था और अंदर सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ था। इन परिस्थितियों ने हत्या और आत्महत्या दोनों की आशंका बढ़ा दी है। पुलिस ने कमरे से एक मोबाइल फोन बरामद किया, जो पूरी तरह टूटा हुआ था और उसकी सिम गायब थी।
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पिता की मृत्यु और छात्रा की संघर्षपूर्ण जिंदगी
पुलिस के अनुसार, सुलेखा पिछले साल दिसंबर में अपने पिता की बीमारी के कारण असहाय हो गई थी। पिता की मृत्यु के बाद वह अपने भविष्य को संवारने के लिए बिहार पुलिस की तैयारी में जुट गई थी। उसकी मेहनत और संघर्ष के बीच यह रहस्यमयी मौत परिवार और पड़ोसियों के लिए झकझोरने वाली घटना बन गई।
पुलिस की कार्रवाई और तकनीकी जांच
घटना का पता तब चला जब एक अन्य किरायेदार मोटर चलाने के लिए चौथी मंजिल गया। कमरे का दरवाजा खुला देख उसने अंदर झांका और सुलेखा को फंदे से लटका पाया। शोर मचाने पर स्थानीय लोग जमा हुए और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मृतका के बैग से एक और मोबाइल, दो आधार कार्ड की फोटोकॉपी और एक डायरी भी बरामद की। तकनीकी टीम मोबाइल और गायब सिम की जांच कर रही है।जोगसर थाना प्रभारी ने बताया कि मामला काफी संदिग्ध है। पुलिस इसे हत्या और आत्महत्या दोनों की संभावनाओं के आधार पर देख रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत का असली कारण स्पष्ट होगा।
स्थानीय लोग और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
घटना से मोहल्ले में अफरा-तफरी का माहौल है। लोग इस मौत को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं और पुलिस से जल्द निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। छात्रा के संघर्षपूर्ण जीवन और संदिग्ध परिस्थितियों ने इलाके में डर और शोक का माहौल बना दिया है।पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच पूरी की जाएगी। जांच में मोबाइल डेटा, कमरे की स्थिति, और आस-पड़ोस के साक्ष्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।









