वाशिंगटन/तेहरान/इस्लामाबाद,अंग भारत। ईरान के साथ जारी तनाव और संघर्ष के बीच अमेरिका आज अपने अगले कदमों को लेकर बड़ा संकेत दे सकता है। पेंटागन में होने वाली एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी रक्षा विभाग विश्व समुदाय के सामने अपनी रणनीति स्पष्ट करेगा। भारतीय समयानुसार यह संवाददाता सम्मेलन शाम करीब साढ़े पांच बजे आयोजित होने की उम्मीद है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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पेंटागन की प्रेस कॉन्फ्रेंस बेहद अहम
अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। सीबीएस न्यूज और अल जजीरा की रिपोर्टों में बताया गया है कि यह ब्रीफिंग ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का संघर्ष विराम लागू है। ऐसे में यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पाकिस्तान ने बढ़ाई मध्यस्थता की कोशिशें
इधर, पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है, जहां ईरानी अधिकारियों से बातचीत का नया दौर शुरू करने पर चर्चा की जा रही है। संकेत हैं कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला चरण इस्लामाबाद में हो सकता है।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने भी उम्मीद जताई है कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद जारी रहेगा और जल्द ही औपचारिक वार्ता का नया दौर शुरू हो सकता है।
ट्रंप ने दिए युद्ध खत्म होने के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हालिया बयान में कहा है कि ईरान के साथ चल रहा तनाव अब समाप्ति के करीब है। उन्होंने संभावित समझौते को लेकर आशावाद जताया और संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत जल्द शुरू हो सकती है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने सऊदी अरब की यात्रा के दौरान क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात कर अमेरिका-ईरान तनाव को कम करने के प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान के समर्थन का भरोसा भी दिलाया।
ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता
हालांकि हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। ईरान ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके समुद्री व्यापार पर पूर्ण रोक नहीं लगी है। साथ ही उसने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी नाकेबंदी जारी रही, तो वह मध्य-पूर्व के एक और अहम समुद्री मार्ग को बाधित कर सकता है।करीब दो घंटे चली उच्च स्तरीय बैठकों और लगातार कूटनीतिक प्रयासों के बीच अब सबकी नजरें पेंटागन की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। यह साफ होगा कि आने वाले दिनों में हालात शांति की ओर बढ़ेंगे या तनाव और गहराएगा।









