भागलपुर,अंग भारत। बिहार के भागलपुर जिले के बिहपुर स्थित राजग कार्यालय में शनिवार को भाजपा विधायक शैलेन्द्र कुमार ने लोकसभा में हाल के घटनाक्रम को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जो स्थिति सदन में देखने को मिली, वह लोकतंत्र की गरिमा और नारी सम्मान—दोनों के लिए चिंताजनक संकेत है।
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नारी सम्मान को लेकर उठे सवाल
विधायक शैलेन्द्र ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसकी महिलाओं की भागीदारी और सम्मान पर निर्भर करती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़ा संवैधानिक प्रावधान देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है, जिस पर व्यापक सहमति बननी चाहिए थी।
विपक्षी दलों के रुख पर सवाल
उन्होंने इंडियन नेशनल कांग्रेस, आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, द्रविडा मुन्नेत्र और समाजवादी पार्टी जैसे दलों के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि वे महिलाओं की आकांक्षाओं को लेकर कितने गंभीर हैं।
लोकतंत्र में जवाब देता है समय
शैलेन्द्र ने कहा कि लोकतंत्र में हर निर्णय और हर घटनाक्रम का जवाब समय देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मुद्दे पर भी जनता सही समय पर अपना मत स्पष्ट करेगी।
मातृशक्ति की भागीदारी जरूरी
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मतभेद का विषय नहीं है, बल्कि मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और भागीदारी से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। ऐसे मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर सर्वसम्मति बननी चाहिए।
पार्टी नेताओं का समर्थन
इस अवसर पर भाजपा नेता उत्तम कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो गौतम, जिला महामंत्री प्रभुनंदन चौधरी, विधानसभा संयोजक दिनेश यादव और अन्य नेताओं ने भी महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर अपनी बात रखी।नेताओं ने कहा कि महिलाओं को उनका उचित अधिकार देने में किसी भी प्रकार की देरी या बाधा देश के विकास के लिए नुकसानदायक है।
जागरूक हो रही नारी शक्ति
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि आज देश की नारी शक्ति जागरूक और सजग है। वह अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर सचेत है और हर राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।कुल मिलाकर महिला आरक्षण और नारी सम्मान का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। भाजपा जहां इसे महिलाओं के अधिकार से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष के रुख को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।









