गुवाहाटी, अंग भारत। असम विधानसभा चुनाव के परिणाम आज राज्य के राजनीतिक भविष्य को नई दिशा देने वाले हैं। राज्य की 126 विधानसभा सीटों पर हुए चुनावी दंगल में 722 उम्मीदवारों की मेहनत और जनता का फैसला सुबह आठ बजे से ईवीएम और पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ सामने आ रहा है। यह दिन असम के उन लाखों मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्होंने इस बार रिकॉर्ड तोड़ मतदान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी।
गिनती की प्रक्रिया शुरू
असम के 40 अलग-अलग मतगणना केंद्रों पर सुबह आठ बजे से प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में मतों की गणना शुरू हो गई। सबसे पहले पोस्टल बैलेट खोले गए, उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के डेटा को सार्वजनिक किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि हर राउंड के बाद परिणाम को पारदर्शी तरीके से अपडेट किया जाए ताकि किसी भी तरह की अफवाह या संशय की स्थिति न बने।
- सुरक्षा की कड़ी परत: मतगणना केंद्रों के इर्द-गिर्द केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस का कड़ा पहरा है।
- पारदर्शिता: निष्पक्ष परिणाम के लिए चुनाव आयोग ने सीसीटीवी निगरानी और वीडियोग्राफी के निर्देश दिए हैं।
- राजनीतिक हलचल: समर्थकों का हुजूम केंद्रों के बाहर डटा है, और हर एक राउंड के साथ सियासी पारा ऊपर जा रहा है।
85.5% वोटिंग का महत्व
इस बार के चुनाव में 85.5 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतना अधिक मतदान सत्ता के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर (anti-incumbency) या फिर सरकार के समर्थन में एक मजबूत लहर का संकेत हो सकता है। यह आंकड़ा बताता है कि असम के लोग अपने भविष्य को लेकर कितने जागरूक हैं। इतने बड़े पैमाने पर हुई वोटिंग ने उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है, जिससे जीत और हार का अंतर बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
मुख्य पार्टियों का गणित
असम की राजनीति में इस बार का मुकाबला बहुकोणीय नजर आ रहा है। भाजपा ने 90 सीटों पर अपनी ताकत झोंकी है, वहीं उनके सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) ने 26 सीटों पर जोर आजमाइश की है। विपक्ष में कांग्रेस ने 99 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इसके अलावा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, असम जातीय परिषद, और राइजर दल जैसे क्षेत्रीय दल भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
| पार्टी का नाम | उम्मीदवारों की संख्या |
|---|---|
| भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) | 90 |
| कांग्रेस | 99 |
| असम गण परिषद (अगप) | 26 |
| निर्दलीय उम्मीदवार | 259 |
निर्दलीयों की बड़ी भूमिका
इस बार के चुनावी समर में 259 निर्दलीय उम्मीदवारों का मैदान में होना परिणाम को बहुत दिलचस्प बनाता है। अक्सर निर्दलीय उम्मीदवार कई सीटों पर ‘वोट कटुआ’ की भूमिका निभाते हैं, जिससे मुख्य दलों के बीच होने वाले मुकाबले का नतीजा बदल जाता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई निर्दलीय उम्मीदवार कोई बड़ा उलटफेर करने में सफल रहता है, या फिर यह चुनाव सिर्फ स्थापित बड़े दलों के बीच ही सिमट कर रह जाता है।
सत्ता का नया समीकरण
जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, उम्मीदवारों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। दोपहर तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी कि असम की कमान किसके हाथ में जाएगी। जो भी गठबंधन बहुमत का जादुई आंकड़ा छुएगा, वही अगले पांच साल तक असम की नीतियों और विकास का भविष्य तय करेगा। फिलहाल, शांतिपूर्ण तरीके से जारी यह मतगणना लोकतंत्र की मजबूती का एक बड़ा उदाहरण पेश कर रही है। कार्यकर्ता और आम जनता दोनों ही टीवी स्क्रीन और चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नजरें टिकाए हुए हैं, क्योंकि आज का दिन असम के इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाला है।







