कोलकाता,अंग भारत। पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना को लेकर चल रही अफवाहों और भ्रम के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि योजना के फॉर्म भरने के लिए सरकारी प्रतिनिधि लाभार्थियों के घर-घर जाएंगे, ताकि किसी को भी आवेदन प्रक्रिया में परेशानी न हो।
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घर-घर पहुंचकर भरे जाएंगे आवेदन फॉर्म
मुख्यमंत्री ने शनिवार को बिधाननगर स्थित एक अस्पताल में आयोजित गर्भाशय ग्रीवा कैंसर टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ आसानी से पहुंचे। इसके लिए सरकारी प्रतिनिधि घर-घर जाकर फॉर्म भरवाएंगे और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।
पहली किस्त जल्द जारी करने की तैयारी
मुख्यमंत्री के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना के तहत पहली किस्त की राशि आगामी बुधवार को लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सहायता राशि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही पहुंचे।
अपात्र लाभार्थियों पर होगी सख्त जांच
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि योजना का लाभ अपात्र व्यक्तियों, सरकारी कर्मचारियों, आयकरदाताओं, नियमित वेतनभोगियों और पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को नहीं मिलेगा। इसके लिए विस्तृत जांच प्रक्रिया अपनाई जा रही है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
जटिल फॉर्म को लेकर उठ रहे सवाल
उल्लेखनीय है कि अन्नपूर्णा योजना को लेकर जारी 11 पन्नों के आवेदन पत्र में भूमि रिकॉर्ड, परिवार के बैंक विवरण और सामाजिक-आर्थिक जानकारी जैसी कई विस्तृत जानकारियां मांगी गई हैं। इसी कारण कुछ लोगों ने आवेदन प्रक्रिया को जटिल बताया है और इसे सरल बनाने की मांग भी उठ रही है।
चुनावी वादे से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना
यह योजना विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में किए गए वादों से जुड़ी बताई जाती है, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये देने की घोषणा की गई थी। सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और अन्नपूर्णा योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले मंत्री अग्निमित्रा पाल भी लोगों को योजना को लेकर आश्वस्त कर चुकी हैं।










