लेबनान,अंग भारत| दक्षिण लेबनान में इजराइल और ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने पूरे क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता को बढ़ा दिया है। ताजा घटनाक्रम में इजराइली सेना नबातीह शहर के बेहद करीब पहुंच गई है, जिसे हिजबुल्लाह का प्रमुख गढ़ माना जाता है।
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हिजबुल्लाह का मजबूत केंद्र है नबातीह
नबातीह दक्षिणी लेबनान का एक महत्वपूर्ण शहर है और लंबे समय से हिजबुल्लाह के राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक प्रभाव का केंद्र माना जाता रहा है। संगठन के कई वरिष्ठ नेता और कमांडर इसी क्षेत्र में रहते हैं। शिया बहुल आबादी वाले इस इलाके को हिजबुल्लाह की विचारधारा और जनाधार का प्रमुख केंद्र माना जाता है।इतिहास में भी नबातीह का विशेष महत्व रहा है। वर्ष 1983 में अशूरा जुलूस के दौरान इजराइली सेना के खिलाफ शुरू हुए सशस्त्र विरोध की शुरुआत इसी क्षेत्र से मानी जाती है। इजराइल की सीमा के निकट स्थित होने के कारण यह इलाका लंबे समय से रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है।
नबातीह को घेरने की रणनीति पर काम कर रही आईडीएफ
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) नबातीह के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी लगातार बढ़ा रही है। बताया जा रहा है कि इजराइली सैनिक दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में आगे बढ़ते हुए शहर को चारों ओर से घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।सैन्य अभियानों के दौरान कई प्रभावित क्षेत्रों से आम नागरिकों के पलायन की खबरें भी सामने आई हैं। इजराइल का कहना है कि उसका लक्ष्य हिजबुल्लाह के सैन्य ढांचे, हथियार भंडार और नेतृत्व नेटवर्क को कमजोर करना है।
जवाबी कार्रवाई में हिजबुल्लाह के रॉकेट और ड्रोन हमले
इजराइली सैन्य दबाव बढ़ने के साथ ही हिजबुल्लाह ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। संगठन ने उत्तरी इजराइल की ओर कई रॉकेट दागे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक सफद और नाहरिया जैसे क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया है।इसके अलावा हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने उत्तरी इजराइल के कुछ सैन्य ठिकानों और बस्तियों के आसपास ड्रोन हमले भी किए हैं। बढ़ते हमलों के बीच उत्तरी इजराइल में कई स्थानों पर चेतावनी सायरन लगातार बजते रहे, जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठकें और बढ़ी चिंता
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा और सैन्य अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की है। इस बैठक में उत्तरी मोर्चे की सुरक्षा स्थिति और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।दूसरी ओर लेबनान सरकार ने इजराइल से दक्षिणी क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने क्षेत्र में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है।
मानवीय संकट गहराने की आशंका
लगातार जारी संघर्ष के कारण दक्षिणी लेबनान में मानवीय संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो क्षेत्रीय अस्थिरता और अधिक बढ़ सकती है।










