भागलपुर,अंग भारत। बिहार सरकार के जन-शिकायत निवारण अभियान के तहत भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड स्थित बिशनपुर जिच्छो पंचायत में मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविर में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव सह भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद शामिल हुए। उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को सुना।प्रभारी सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर वे शिविर की प्रगति और शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
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30 दिन में शिकायत निस्तारण का लक्ष्य, डिजिटल माध्यम पर जोर
दीपक आनंद ने कहा कि प्राप्त शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। सरकार अनावश्यक विलंब को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।उन्होंने लोगों से डिजिटल सेवाओं का अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बन रही है। उन्होंने भागलपुर जिला प्रशासन की सराहना करते हुए बताया कि पूर्व में आयोजित सहयोग शिविरों में अधिकांश शिकायतों का निस्तारण मात्र सात दिनों के भीतर कर दिया गया था।
जिला प्रशासन की कार्यशैली की प्रभारी सचिव ने की सराहना
प्रभारी सचिव ने इस उपलब्धि के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “सबका सम्मान, जीवन आसान” के संकल्प के साथ काम कर रही है। विभिन्न प्रमाण-पत्रों, राशन कार्ड, श्रमिक कार्ड और अन्य सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन एवं सरल बनाया गया है, ताकि आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर में 48 आवेदन मिले, 34 मामलों पर कार्रवाई जारी
शिविर को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रत्येक पंचायत में सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।उन्होंने बताया कि प्रत्येक पंचायत में शिविर की तिथि पहले से तय रहती है और आयोजन से 15 दिन पहले ही आवेदन प्राप्त करने तथा उनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है। सहयोग शिविर की विशेषता यह है कि हर आवेदन का विधिवत पंजीकरण किया जाता है और आवेदक को रसीद उपलब्ध कराई जाती है।जिलाधिकारी के अनुसार शिविर में कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 14 मामलों का तत्काल निष्पादन कर दिया गया है। शेष 34 मामलों पर कार्रवाई जारी है और अगले पांच से छह दिनों के भीतर इनके समाधान का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय से जुड़े मामलों का समाधान प्रशासनिक स्तर पर संभव नहीं होता। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों को उचित कानूनी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। वहीं भूमि विवाद सहित अन्य जटिल मामलों के समाधान के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है।










