निर्मली/सुपौल/अंग भारत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, निर्मली परिसर में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
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न्यायालय परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रजातियों के पौधे
कार्यक्रम का आयोजन अवर न्यायाधीश (वरीय कोटि) एस. एन. साह के निरीक्षण में तथा अवर न्यायाधीश (कनीय कोटि) भावेश कुमार के सहयोग से किया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उपस्थित लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वयं पौधे लगाकर समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
पर्यावरण संरक्षण को बताया समय की सबसे बड़ी जरूरत
अपने संबोधन में अवर न्यायाधीश (वरीय कोटि) एस. एन. साह ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण मानव जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण को अपनी जिम्मेदारी समझना होगा। एक पौधा लगाना केवल प्रकृति की सेवा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर भविष्य के लिए किया गया महत्वपूर्ण निवेश है।
जल संरक्षण और स्वच्छता पर भी दिया गया जोर
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। वक्ताओं ने जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने और स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
अधिवक्ताओं और कर्मियों ने लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम में अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों एवं अन्य गणमान्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, पौधों की देखभाल करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।उपस्थित लोगों ने यह भी कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में बड़ी मदद मिल सकती है।
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया। उन्होंने समाज के हर वर्ग से इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव जीवन की सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।सौहार्दपूर्ण और प्रेरणादायक वातावरण में आयोजित यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।











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