पटना,अंग भारत। राजधानी पटना में चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज़ फायरिंग प्रकरण और कोचिंग संस्थानों के बीच चल रहे विवाद ने नया कानूनी मोड़ ले लिया है। मामले में गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान ग्लोबल स्टडीज़ के निदेशक खान सर ने पटना सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत (एंटिसिपेटरी बेल) याचिका दायर की है। उनके अधिवक्ता की ओर से यह आवेदन ऑनलाइन माध्यम से दाखिल किया गया है।
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मंगलवार को होगी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई
फायरिंग मामले से जुड़े कानूनी घटनाक्रम के बीच खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई निर्धारित की गई है। इस सुनवाई पर सभी पक्षों की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि अदालत का निर्णय मामले की आगे की दिशा तय कर सकता है।
सुरक्षा गार्डों की जमानत पर फैसला सुरक्षित
इसी मामले में गिरफ्तार किए गए खान ग्लोबल स्टडीज़ के दो सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी अदालत में सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी आदेश सुरक्षित
ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर भी सुनवाई पूरी हो गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अदालत का फैसला इस पूरे विवाद के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
फायरिंग को लेकर अदालत में हुए गंभीर दावे
सुनवाई के दौरान ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से अदालत में दावा किया गया कि फायरिंग की घटना केवल भीड़ को नियंत्रित करने या तितर-बितर करने के उद्देश्य से नहीं हुई थी, बल्कि यह एक सुनियोजित कार्रवाई थी। पक्षकारों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की आवश्यकता पर जोर दिया।
गिरफ्तारी पर उठे सवाल, आंदोलन की चेतावनी
ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के शिक्षक शशांक पाठक ने रौशन आनंद की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन आरोपों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है, वे अब तक सिद्ध नहीं हो पाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रौशन आनंद को जल्द राहत नहीं मिली तो समर्थक अनशन और आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
खान सर के वकील ने एफआईआर को बताया दुर्भावनापूर्ण
मीडिया से बातचीत में खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार महूआर ने कहा कि अदालत में मामले पर विस्तृत बहस हुई है और न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रखा है। उन्होंने दावा किया कि खान सर को जानबूझकर इस मामले में फंसाया गया है।महूआर के अनुसार, उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज एफआईआर दुर्भावनापूर्ण मंशा से दर्ज की गई है और इसका उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि घटना में खान सर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी, फिर भी उन्हें मामले में शामिल किया गया।
पहले भी हुआ था जमानत याचिका दाखिल करने का प्रयास
गौरतलब है कि शनिवार को भी खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने का प्रयास किया गया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के कारण उस दिन आवेदन दाखिल नहीं हो पाया था। इसके बाद सोमवार को विधिवत प्रक्रिया पूरी कर अदालत में याचिका प्रस्तुत की गई।
फैसले पर टिकी पूरे राज्य की नजर
फायरिंग की घटना और कोचिंग संस्थानों के बीच विवाद को लेकर राज्यभर में चर्चा जारी है। ऐसे में मंगलवार को होने वाली सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत का फैसला न केवल खान सर की कानूनी स्थिति को प्रभावित करेगा, बल्कि इस मामले से जुड़े अन्य आरोपितों और पूरे विवाद की दिशा भी तय कर सकता है।फिलहाल सभी पक्ष न्यायालय के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अदालत का निर्णय यह स्पष्ट करेगा कि मामले की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।












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