नई दिल्ली,अंग भारत। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की महिला चयन समिति ने सितंबर 2026 में जापान के ऐची-नागोया में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला क्रिकेट टीम की घोषणा कर दी है। टीम की कमान एक बार फिर अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है, जबकि स्टार ओपनर स्मृति मंधाना को उपकप्तान बनाया गया है। भारतीय टीम इस बार लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
हरमनप्रीत पर फिर जताया भरोसा, स्मृति बनीं उपकप्तान
बीसीसीआई ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कायम रखते हुए हरमनप्रीत कौर को कप्तानी सौंपी है। वहीं टीम की उपकप्तान की जिम्मेदारी स्मृति मंधाना को दी गई है। दोनों खिलाड़ियों का अनुभव बड़े टूर्नामेंट में भारतीय टीम के लिए अहम माना जा रहा है।
गत चैंपियन के रूप में उतरेगा भारत
भारतीय महिला टीम 2026 एशियाई खेलों में मौजूदा स्वर्ण पदक विजेता के रूप में हिस्सा लेगी। वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था। अब टीम उसी सफलता को जापान के ऐची-नागोया में दोहराने की तैयारी में है।
अनुभव और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण
चयन समिति ने इस बार टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित संयोजन रखा है। बल्लेबाजी विभाग में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, भारती फुलमाली, हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना शामिल हैं। विकेटकीपर के तौर पर ऋचा घोष और जी. कमलिनी को जगह दी गई है।
गेंदबाजी आक्रमण को मिली मजबूती
गेंदबाजी विभाग में रेणुका ठाकुर, अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी निभाएंगी। वहीं स्पिन आक्रमण में राधा यादव, श्री चरणी और नंदिनी शर्मा को शामिल किया गया है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि यह गेंदबाजी संयोजन विपक्षी टीमों के लिए चुनौती साबित होगा।
श्रेयंका पाटिल का चयन फिटनेस पर निर्भर
ऑलराउंडर श्रेयंका पाटिल का चयन उनकी फिटनेस क्लियरेंस के अधीन रखा गया है। यदि उन्हें मेडिकल टीम से अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो वह टीम का हिस्सा होंगी। श्रेयंका का ऑलराउंड प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती
भारतीय महिला टीम के सामने इस बार अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की बड़ी चुनौती होगी। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं का संयोजन टीम को मजबूत बनाता है और क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि भारत एक बार फिर एशियाई खेलों में स्वर्णिम प्रदर्शन दोहराएगा।










