नई दिल्ली,अंग भारत। दिल्ली के लोगों के लिए अच्छी खबर है। लंबे समय से भीषण गर्मी और उमस झेल रहे राजधानीवासियों को मानसून की आहट ने बड़ी राहत दी है। बुधवार देर रात हुई बारिश ने न केवल पारे को नीचे गिराया है, बल्कि मानसून के आगमन का रास्ता भी साफ कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के भीतर दिल्ली समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की आधिकारिक शुरुआत हो जाएगी।
तापमान में बड़ी गिरावट
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो मौसम में आया बदलाव वाकई चौंकाने वाला है। सफदरजंग मौसम केंद्र ने तापमान में 5.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की है। गर्मी का स्तर जो पहले असहनीय था, अब काफी हद तक सुधर चुका है।
- अधिकतम तापमान: 34.8 डिग्री सेल्सियस।
- न्यूनतम तापमान: 28.6 डिग्री सेल्सियस।
- आर्द्रता का स्तर: 83% (अधिकतम) और 48% (न्यूनतम)।
यह बदलाव केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि अगले सप्ताह भर तक तापमान में इसी तरह की गिरावट देखी जाएगी।
अगले चार दिनों का पूर्वानुमान
आईएमडी ने दिल्ली-एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि आपको अगले चार से सात जुलाई तक बाहर निकलते समय छाता साथ रखना होगा। बारिश का यह दौर अचानक आने वाली फुहारों के रूप में होगा, जो अचानक से शहर को भिगो देगा।
| तिथि | मौसम का मिजाज |
|---|---|
| 4 जुलाई | बादल छाए रहेंगे, मध्यम बारिश |
| 5-6 जुलाई | गरज के साथ बारिश, ठंडी हवाएं |
| 7 जुलाई | तापमान में और गिरावट |
पश्चिमी विक्षोभ का असर
सिर्फ मानसून ही नहीं, बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होने वाला नया ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) भी इस बदलाव का बड़ा कारण है। यह प्रणाली मानसून की हवाओं को दिल्ली की ओर खींच रही है। इससे दोपहर या शाम के समय अचानक मौसम का मिजाज बदल सकता है। चिलचिलाती धूप की जगह घने बादलों का डेरा होगा, जिससे अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच सिमट कर रह जाएगा।
मानसून की धीमी रफ्तार
अक्सर दिल्ली में मानसून 27 जून तक पहुंच जाता है। इस साल थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन विशेषज्ञ इसे सामान्य मानते हैं। पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में मानसून पहले ही दस्तक दे चुका है, जिससे यह साफ है कि नमी भरी हवाएं राजधानी की दहलीज तक आ चुकी हैं। अब बस आधिकारिक घोषणा और सक्रियता का इंतजार है।
देशभर का मौसम हाल
दिल्ली ही नहीं, देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज सख्त बना हुआ है। आईएमडी ने कोंकण, गोवा और दक्षिण गुजरात के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इन इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
“मानसून पंजाब और हरियाणा के कई जिलों में प्रवेश कर चुका है। आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत में इसका असर साफ दिखाई देगा,” – सुरिंदर पॉल, निदेशक, आईएमडी चंडीगढ़।
बचाव के लिए सुझाव
मौसम विभाग की सलाह है कि नागरिक बदलते मौसम में अपना ख्याल रखें। अचानक होने वाली बारिश में भीगने से बचें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक बुलेटिन पर नजर बनाए रखें और बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति से सावधान रहें।







