बांका,अंग भारत। मद्य निषेध अवर निरीक्षक पद पर बहाली के लिए आयोजित प्रारंभिक लिखित परीक्षा शनिवार को जिले के सभी 10 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और हर केंद्र पर अधिकारियों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने खुद कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
तीन प्रमुख केंद्रों का किया निरीक्षण
जिला पदाधिकारी ने सीएमएस उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुर, एमडीएन हाई स्कूल डुमरामा और उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय फतेहपुर कठेल समेत कई परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षार्थियों के प्रवेश, पहचान पत्रों की जांच, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा संचालन से जुड़ी सभी तैयारियों को बारीकी से देखा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि परीक्षा सरकार के तय दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कराई जा रही है।निरीक्षण के दौरान डीएम ने केंद्राधीक्षकों, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर परीक्षा संचालन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी लोग पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।
पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा पर रहा जोर
डीएम अंशुल अग्रवाल ने साफ कहा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त माहौल में कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हो। ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर आने वाले हर अभ्यर्थी की पहचान पूरी सतर्कता से जांची जाए। इसके साथ ही समय पर प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी अभ्यर्थी को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। परीक्षा कक्षों में बैठने की व्यवस्था भी तय मानकों के अनुसार रखने का निर्देश दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। डीएम ने सभी अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान यदि कोई नियम तोड़ने या कदाचार करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई थी। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की जांच की गई और पहचान पत्रों का मिलान करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में जाने की अनुमति दी गई।
10 केंद्रों पर हुई परीक्षा
जिले में मद्य निषेध अवर निरीक्षक की प्रारंभिक लिखित परीक्षा के लिए कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सभी केंद्रों पर आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित कर दी गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही अधिकारी अपने-अपने केंद्रों पर पहुंच गए थे और सभी व्यवस्थाओं का अंतिम निरीक्षण किया गया।प्रशासन की सतर्कता और अधिकारियों की सक्रिय निगरानी का ही परिणाम रहा कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कहीं से भी किसी तरह की गड़बड़ी या कदाचार की सूचना नहीं मिली। परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली और पूरे आयोजन को सफल बताया। जिला प्रशासन ने परीक्षा संचालन में लगे सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी सराहना की।










