नई दिल्ली,अंग भारत| संसद के मानसून सत्र का 11वां दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों द्वारा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित चोरी और जंतर मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किए गए जोरदार प्रदर्शन के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक और राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 02 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
संसद में विपक्षी हंगामा
जैसे ही मानसून सत्र के 11वें दिन लोकसभा की शुरुआत हुई, विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सदन में मौजूद अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल को सुचारु रूप से चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सदस्य अपने मुद्दों को उठाने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें, लेकिन उनकी अपील का कोई असर नहीं हुआ। विपक्ष का शोर-शराबा जारी रहने के कारण सदन को स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।
राज्यसभा का दृश्य भी कुछ ऐसा ही था। सभापति के राधाकृष्णन के बार-बार आग्रह के बावजूद विपक्षी सदस्य सदन के बीचोंबीच (वेल में) आ गए। सदन में व्यवस्था बनाए रखने में असमर्थता जताते हुए सभापति ने कार्यवाही को दोपहर 02 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
संसद परिसर में प्रदर्शन
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मकर द्वार के पास विपक्षी दलों के नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने भाग लिया। विपक्ष की मांग थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस पूरे मामले पर संसद में आकर जवाब दें। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावे की कथित चोरी और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ तीखे तेवर अपनाए।
पप्पू यादव सुरक्षा मुद्दा
इस हंगामे के बीच पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर उनके दिल्ली आवास पर हुए कथित हमले का मुद्दा छाया रहा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस विषय को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष उठाते हुए सांसद की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि एक निर्वाचित सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
हालांकि, यह मामला अब कानूनी और संसदीय प्रक्रिया में तब्दील हो चुका है। भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने पप्पू यादव के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा है। जायसवाल का तर्क है कि 31 जुलाई को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावे के नाम पर जिस तरह का प्रदर्शन हुआ और जिस तरह की नाट्य प्रस्तुति पप्पू यादव ने दी, उससे सदन की गरिमा और धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंची है।
विपक्ष की आगामी रणनीति
- संसद के भीतर रणनीति बनाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में बैठक हुई।
- बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए।
- समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि भाजपा को इस मामले में जवाबदेह ठहराया जाएगा।
- माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने सांसद पप्पू यादव पर हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।
विधायी कार्यों की स्थिति
संसद के इस सत्र में सरकार ने कुल आठ विधेयकों को सूचीबद्ध किया है। काम काज की स्थिति को समझने के लिए निम्नलिखित तालिका देखें:
| विधेयक का नाम | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| वंदे मातरम् विधेयक | पारित हो चुका है |
| लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक | पारित हो चुका है |
| एफसीआरए संशोधन विधेयक | प्रस्तावित (सोमवार) |
विवाद का मूल कारण
संपूर्ण विवाद की जड़ 31 जुलाई की वह घटना है, जब संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में एक दानपेटी लेकर पहुंचे थे। इस प्रतीकात्मक नाट्य प्रस्तुति का उद्देश्य कथित चढ़ावा चोरी को उजागर करना था। इस घटना के बाद से ही संत समाज और भाजपा ने इसे धार्मिक आस्था का अपमान करार देते हुए कड़ा रुख अपनाया है। संसद में यही वह बिंदु है जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े हैं।







