बिहार,अंग भारत | बांका जिले के चान्दन प्रखंड से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां गरीब परिवारों की मेहनत से जोड़ी गई जमा-पूंजी अचानक बैंक खाते से गायब हो गई। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, चान्दन निवासी रविंद्र मिस्त्री (पिता स्वर्गीय भगवान मिस्त्री) और तोफिक शेख (पिता स्वर्गीय अज़ीम शेख) के खाते Punjab National Bank की चान्दन शाखा में हैं। दोनों खाताधारियों के खातों से रहस्यमय तरीके से पैसे निकाले जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह रकम उन्होंने घर की जरूरतों और खास तौर पर बेटी की शादी के लिए बड़ी मेहनत से जमा की थी।
मोबाइल मैसेज से हुआ खुलासा
घटना की शुरुआत 25 मार्च 2026 को हुई, जब दोपहर करीब 12:05 बजे तोफिक शेख के मोबाइल पर पैसे निकासी का मैसेज आया। शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन अगले ही दिन 26 मार्च को दोपहर 1:13 बजे रविंद्र मिस्त्री के मोबाइल पर भी 10,000 रुपये निकासी का मैसेज पहुंचा। इस तरह दोनों के खातों से 10-10 हजार रुपये गायब हो गए।अचानक आए इन मैसेज को देखकर दोनों परिवारों के होश उड़ गए। खासकर रविंद्र मिस्त्री, जो अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे जमा कर रहे थे, उनके लिए यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं थी। परिवार में जहां खुशी का माहौल होना चाहिए था, वहां अब चिंता और मायूसी छा गई है।
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बैंक पहुंचे पीड़ित, दर्ज कराई शिकायत
घबराए हुए दोनों खाताधारी तुरंत बैंक शाखा पहुंचे और शाखा प्रबंधक को लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शाखा प्रबंधक ने घटना पर दुख जताते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और पैसे वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा।पीड़ितों के अनुसार, उन्हें जो मैसेज प्राप्त हुआ उसमें “राधेश्याम गियारी कुमशी” नाम का उल्लेख है, जहां से यह संदिग्ध लेन-देन हुआ है।
फिंगरप्रिंट से निकासी ने बढ़ाई चिंता
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि निकासी फिंगरप्रिंट के माध्यम से की गई बताई जा रही है। जबकि खाताधारियों का कहना है कि उन्होंने कभी भी फिंगरप्रिंट के जरिए लेन-देन नहीं किया है और हमेशा हस्ताक्षर के माध्यम से ही बैंकिंग प्रक्रिया पूरी की है।ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब खाताधारियों ने स्वयं कोई फिंगरप्रिंट सत्यापन नहीं कराया, तो आखिर किसके फिंगरप्रिंट का उपयोग कर पैसे निकाले गए। यह घटना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों की ओर इशारा करती है।
इलाके में बढ़ी चिंता, जांच की मांग
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल है। लोग अपनी जमा-पूंजी की सुरक्षा को लेकर सशंकित हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बैंक अधिकारियों से मामले की गहन जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।फिलहाल बैंक और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। पीड़ित परिवारों को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा और उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।











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