गुवाहाटी,अंग भारत| केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित साह आज असम के दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचेंगे। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वे कई राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिनमें रोड शो, चुनावी सभाएं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठकें शामिल हैं।
दोपहर में आगमन, शाम को रोड शो का कार्यक्रम
असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद दिलीप सैकिया के अनुसार, अमित शाह शनिवार दोपहर करीब 2:35 बजे गुवाहाटी के बोरझार हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वे कोईनाधारा गेस्ट हाउस जाएंगे, जहां पार्टी नेताओं के साथ चुनावी तैयारियों पर चर्चा करेंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाह शाम 4:15 बजे गुवाहाटी में एक भव्य रोड शो करेंगे। इसके बाद शाम करीब 6 बजे वे प्रदेश भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न संगठनात्मक इकाइयों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर मंथन करेंगे।
खराब मौसम से कार्यक्रम पर संशय
गौरतलब है कि बीती रात से गुवाहाटी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे चुनाव प्रचार गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। ऐसे में अमित शाह के प्रस्तावित रोड शो को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यदि मौसम में सुधार नहीं हुआ, तो भाजपा को अपने कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ सकता है।हालांकि, पार्टी कार्यकर्ताओं में शाह के आगमन को लेकर काफी उत्साह है और तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। भाजपा इस दौरे को चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने के लिए अहम मान रही है।
अगले दिन कई रैलियों में होंगे शामिल
अमित शाह 29 मार्च को असम के अन्य क्षेत्रों में भी चुनाव प्रचार करेंगे। वे ढेकियाजुली और टिहू क्षेत्र के सामता में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इन कार्यक्रमों में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।भाजपा ने इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कुल 40 स्टार प्रचारकों को मैदान में उतारा है। आने वाले दिनों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता भी असम में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचेंगे।वहीं विपक्ष भी पीछे नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुनखरगे , राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी भी जल्द ही असम में चुनावी सभाएं करने वाले हैं।कुल मिलाकर, असम में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंकने में जुटे हैं।










