गुवाहाटी,अंग भारत। असम में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण विकास पहल की शुरुआत होने जा रही है। यूरोपीय संघ (EU) के प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के बीच होने वाली बैठक के दौरान बहुप्रतीक्षित ‘ब्लू वैली क्लस्टर’ परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस परियोजना को भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते सहयोग की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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यूरोपीय संघ का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा असम
सोमवार को यूरोपीय संघ का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल असम पहुंचा। अपने दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मोरीगांव जिले के जागीरोड स्थित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान परियोजना की प्रगति, निवेश की संभावनाओं और तकनीकी सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश के माहौल को करीब से समझने का प्रयास किया। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की सेमीकंडक्टर परियोजना को असम के औद्योगिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जागीरोड दौरे के बाद गुवाहाटी पहुंचे प्रतिनिधि
मोरीगांव से लौटने के बाद यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि गुवाहाटी पहुंचे, जहां राज्य सरकार की ओर से उनके सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में असम की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आतिथ्य की झलक देखने को मिली।राज्य सरकार ने प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से असम की विरासत से उन्हें परिचित कराया।
आधिकारिक रात्रिभोज में दिखी असम की सांस्कृतिक पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित आधिकारिक रात्रिभोज में असम की सांस्कृतिक जीवंतता पूरी तरह दिखाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल स्वागत कार्यक्रम नहीं था, बल्कि असम की सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक साझेदारी की भावना का प्रतीक भी था।
ब्लू वैली क्लस्टर परियोजना से बढ़ेंगी नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंगलवार का दिन भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों के लिए एक नई शुरुआत साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि असम में ‘ब्लू वैली क्लस्टर’ परियोजना की शुरुआत से आर्थिक, औद्योगिक और तकनीकी सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे।उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल राज्य के विकास को गति देगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को भी मजबूत बनाएगी। साथ ही निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
भारत-EU संबंधों को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लू वैली क्लस्टर परियोजना भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करेगी। असम में इस पहल की शुरुआत पूर्वोत्तर भारत को वैश्विक निवेश और विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।












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