सहरसा,अंग भारत। स्थानीय प्रताप नगर स्थित एसवीएम सेंट्रल स्कूल में हाल ही में अभिभावक-शिक्षक संवाद कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और सक्रिय भागीदारी के साथ किया गया। विद्यालय के डायरेक्टर प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि इस संवाद का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।
अभिभावक-शिक्षक संवाद से बच्चों की प्रगति पर फोकस
प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच नियमित बातचीत बच्चों की कमजोरियों, उनकी क्षमताओं और शैक्षिक प्रगति को समझने में मदद करती है। इससे संयुक्त प्रयासों के माध्यम से उनकी शिक्षा में सुधार और व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।विद्यालय के प्रभारी भवेश कुमार ने कहा कि बदलते शैक्षिक परिवेश में अभिभावकों का शिक्षकों से लगातार संपर्क बनाए रखना बेहद जरूरी है। इससे बच्चों की समस्याओं को समय रहते पहचाना जा सकता है और उन्हें उनके लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
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शिक्षक और अभिभावक बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट
कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों की शैक्षिक प्रगति, क्षमताओं और कमजोरियों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उपस्थित रहे सुप्रभा पाठक, चंदन पौदार, दिलीप कुमार, ब्रजेश कुमार, रौशन झा, सुनील मिश्रा, इन्द्र नारायण मल्लिक, मारुति झा, घनश्याम मिश्रा, सोनू सिंह, नीरज कुमार सिंह, शरद झा, सुनील झा, मधुकर कुमार, सुषमा सिंह, सोनी सिंह, चांदनी मिश्रा, अनुप्रिया, मधु मिश्रा, मोनिका सिंह, अनामिका सिंह, सुप्रिया झा, निभा सिंह, निरुपमा, सोनी वर्मा, दिव्या, अर्पणा, चांदनी, संजना, रितिका, संतोष कुमार गुप्ता सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं।अभिभावकों ने बच्चों की शिक्षा और विकास में शिक्षकों के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और सामाजिक कौशल के विकास में अभिभावकों और शिक्षकों का सहयोग बेहद जरूरी है।
खुशनुमा माहौल में हुआ संवाद, शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ी
विद्यालय परिसर में यह कार्यक्रम खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ। बच्चों और अभिभावकों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। अभिभावकों ने नियमित संवाद के महत्व को स्वीकार करते हुए इसे निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।एसवीएम सेंट्रल स्कूल ने इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। अभिभावकों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी से बच्चों की सफलता और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत होती है।










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