असम,अंग भारत| असम विधानसभा सचिवालय में कथित अनियमित नियुक्तियों को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा के बाद अब तक कुल 28 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान हुई नियुक्तियों की जांच के बाद की गई है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा में सामने आईं अनियमितताएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार विधानसभा सचिवालय में की गई कुछ नियुक्तियों को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। इसके बाद सचिवालय स्तर पर नियुक्तियों की विस्तृत समीक्षा और जांच शुरू की गई।जांच के दौरान कई मामलों में भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसी आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
दो चरणों में हुई कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कार्रवाई का पहला चरण 29 मई को पूरा किया गया था। उस दिन 12 कर्मचारियों को सेवा से मुक्त कर दिया गया था। इसके बाद शनिवार को दूसरे चरण की कार्रवाई में 16 अन्य कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं।इस तरह दो चरणों में कुल 28 कर्मचारियों को विधानसभा सचिवालय से हटाया जा चुका है। इस कार्रवाई के बाद सचिवालय के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जांच प्रक्रिया अभी भी जारी
सूत्रों का कहना है कि भर्ती से जुड़े मामलों की जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। कई अन्य नियुक्तियों की भी समीक्षा की जा रही है और दस्तावेजों की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि यदि आगे भी किसी नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है।अधिकारियों के मुताबिक पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य नियुक्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना न रहे।
पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को विधानसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और नियमसम्मत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।वहीं, इस मामले में भविष्य में और खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अन्य नियुक्तियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें जांच प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और तथ्यों के सामने आने की संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे विधानसभा सचिवालय में भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई बहस छिड़ सकती है।










