नई दिल्ली,अंग भारत। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को देशवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी। अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 132वें एपिसोड में उन्होंने अफवाहों से दूर रहने और राष्ट्रीय एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।
ऊर्जा संकट पर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों का सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। खासकर पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े हैं, जिन पर भारत लगातार नजर बनाए हुए है।उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय में नागरिकों को संयम और समझदारी दिखानी चाहिए। अफवाहों के कारण अनावश्यक घबराहट फैल सकती है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।उन्होंने अफवाह फैलाने वालों को देश के हित के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां संकट के समय में समाज को कमजोर करती हैं। उन्होंने नागरिकों से जिम्मेदारी निभाने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।
खाड़ी देशों में भारतीयों के लिए जताया आभार
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में जारी संघर्ष के बीच वहां रह रहे भारतीयों के सहयोग और धैर्य की सराहना की। उन्होंने उन देशों का भी धन्यवाद किया जिन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित की।प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए वहां की स्थिति का असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है। भारत सरकार अपने कूटनीतिक संबंधों का उपयोग कर हालात को संतुलित करने की दिशा में प्रयास कर रही है।
राजनीति से ऊपर उठने की जरूरत
प्रधानमंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों से जुड़ा विषय है, जिसमें किसी भी प्रकार की स्वार्थपूर्ण राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की कि वे राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें और एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करें।
वैश्विक संकट का असर
उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते कई देशों में ईंधन की उपलब्धता पर असर पड़ा है और बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है।ऐसे समय में प्रधानमंत्री का यह संदेश देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने संयम, जागरूकता और एकता को सबसे बड़ी ताकत बताया है।
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