नई दिल्ली,अंग भारत। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 मार्च को उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (फेज-1) का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान वे एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे और एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
उद्घाटन और निरीक्षण का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री कार्यालय ने गुरुवार को बताया कि मोदी शनिवार को सुबह लगभग 11:30 बजे नोएडा एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
भारत का बड़ा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट
करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत तैयार किया गया है।
- फेज-1 में एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 12 मिलियन (एमपीपीए) होगी।
- भविष्य में इसे 70 मिलियन तक बढ़ाने की योजना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट
- 3,900 मीटर लंबे रनवे से बड़े विमानों का संचालन संभव।
- अत्याधुनिक नेविगेशन सिस्टम और एयरफील्ड लाइटिंग, जिससे 24×7 संचालन हर मौसम में संभव।
- मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन का सहज एकीकरण।
- कार्गो हब शुरुआत में 2.5 लाख मीट्रिक टन सालाना क्षमता वाला, भविष्य में 18 लाख टन तक।
- 40 एकड़ में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा।
पर्यावरण और डिज़ाइन
- एयरपोर्ट को नेट-जीरो उत्सर्जन वाला बनाने का लक्ष्य।
- डिज़ाइन भारतीय सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित, जिसमें घाट और हवेलियों की झलक।
रणनीतिक महत्व
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली-एनसीआर के लिए दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में काम करेगा और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दबाव कम करेगा। यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा और भारत को वैश्विक एविएशन हब बनाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।









