गुवाहाटी,अंग भारत। असम में इन दिनों रंगाली बिहू का उत्साह चरम पर है और पूरे राज्य में उल्लास का माहौल देखने को मिल रहा है। पारंपरिक जातीय पर्व रंगाली बिहू के पहले दिन आज गोरू बिहू मनाया जा रहा है, जो कृषि और पशुधन से जुड़े इस त्योहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।गोरू बिहू के अवसर पर किसान अपने गोधन को नदी, तालाब और अन्य जलाशयों में स्नान कराते हैं। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पशुओं की पूजा कर उनके स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की जाती है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में इस दिन का विशेष महत्व होता है और गांव-गांव में पारंपरिक तरीके से इस पर्व को मनाया जा रहा है।
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गोधन की पूजा और परंपराओं के साथ उत्सव की शुरुआत
असमिया संस्कृति के प्रमुख पर्वों में शामिल बहाग बिहू इस समय पूरे राज्य को उत्सवमय बना रहा है। खेत-खलिहानों से लेकर शहरों तक हर जगह बिहू की धूम देखने को मिल रही है। इस पर्व के साथ ही असमिया नववर्ष का भी स्वागत किया जाता है।ढोल, पेपा और गगना की गूंज के बीच युवक-युवतियां पारंपरिक बिहू नृत्य और गीतों में मग्न नजर आ रहे हैं। लोग एक-दूसरे को ‘बिहुवान’ यानी गमछा भेंट कर शुभकामनाएं दे रहे हैं, जो इस त्योहार की खास परंपरा मानी जाती है।
गांव से शहर तक बिहू की रंगत, हर ओर उत्साह
यह पर्व चैत संक्रांति से शुरू होता है, जो इस साल 14 अप्रैल को मनाई जा रही है। उरुका के आयोजन के बाद आज गोरू बिहू मनाया जा रहा है, जबकि अगले दिन मानुह बिहू मनाया जाएगा। मानुह बिहू के दिन लोग अपने बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं और एक-दूसरे के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं।कृषि आधारित इस पर्व का सीधा संबंध प्रकृति और खेती से है। इसमें धरती की उर्वरता और अच्छी फसल की कामना की जाती है। समय के साथ इस त्योहार में आधुनिकता की झलक भी देखने को मिलती है, लेकिन इसकी पारंपरिक जड़ें आज भी मजबूती से कायम हैं।
14 अप्रैल से शुरू पर्व, कल मनाया जाएगा मानुह बिहू
रंगाली बिहू केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि असमिया समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। इस दौरान लोग अपनी रोजमर्रा की चिंताओं को भूलकर उत्सव में शामिल होते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ खुशियां मनाते हैं।पूरे असम में इस समय रंगाली बिहू की धूम है और लोग पूरे उत्साह के साथ इस पर्व का आनंद ले रहे हैं। आने वाले दिनों में भी यह उत्सव विभिन्न कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ जारी रहेगा।








