भागलपुर,अंग भारत। एनटीपीसी लिमिटेड के कहलगांव परियोजना में रविवार को स्पेशल वेंडर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और विशेष रूप से एससी/एसटी तथा महिला उद्यमियों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जोड़ना था।
उद्यमियों को जोड़ने की पहल
कार्यक्रम का आयोजन इस दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि इसके माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमियों को बड़े सरकारी उपक्रमों के साथ काम करने के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों को सरकारी खरीद प्रक्रियाओं और भागीदारी के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख रवीन्द्र पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ एनटीपीसी कहलगांव के कई वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति हब और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
महत्वपूर्ण विषयों पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को टेंडरिंग प्रक्रिया, एंटी ब्राइबरी मैनेजमेंट सिस्टम, जेम प्लेटफॉर्म के उपयोग, एससी/एसटी उद्यमियों के उत्थान के लिए सरकारी नीतियां, यूएसएससी की भागीदारी बढ़ाने के उपाय और ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने सरल भाषा में समझाया कि किस प्रकार छोटे उद्यमी सरकारी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र में दूर हुई शंकाएं
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में वेंडर्स ने खुलकर अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों और अधिकारियों ने उनके सवालों के संतोषजनक उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को प्रक्रियाओं और नीतियों की बेहतर समझ मिली।
समावेशी विकास की दिशा में कदम
यह कार्यक्रम समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल छोटे और मध्यम उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि समाज के वंचित वर्गों—विशेषकर एससी/एसटी और महिला उद्यमियों—को भी मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
एनटीपीसी कहलगांव की यह पहल इस बात का संकेत है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।










One Response