मास्को,अंग भारत। यूक्रेन और रूस के बीच चार साल से जारी युद्ध के बीच यूक्रेन ने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले कर रूस के ऊर्जा ढांचे को गंभीर झटका दिया है।बाल्टिक सागर स्थित प्रमुख तेल निर्यात बंदरगाह प्रिमोर्स्क और उस्त-लूगा पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की लोडिंग पूरी तरह रोक दी गई है। इन हमलों के कारण न केवल रूस के निर्यात प्रभावित हुए हैं बल्कि वैश्विक तेल बाजार में नई अनिश्चितता भी उत्पन्न हुई है।
प्रिमोर्स्क और उस्त-लूगा बंदरगाहों पर भीषण आग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उस्त-लूगा में रूस की पाइपलाइन कंपनी ट्रांसनेफ्ट के तेल भंडारण टैंकों में भीषण आग लगी, जिससे दूर स्थित फिनलैंड तक काला धुआं दिखाई दिया। प्रिमोर्स्क बंदरगाह में भी हाल के दिनों में आग लगी, जो पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी है। उस्त-लूगा क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है और कई टैंकों में आग अभी भी जल रही है। फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और तेल रिसाव की पुष्टि भी नहीं हुई।
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यूक्रेनी ड्रोन पड़ोसी देशों में भटकने लगे
कुछ यूक्रेनी ड्रोन भटक कर पड़ोसी देशों लातविया और एस्टोनिया में चले गए। एस्टोनिया में एक ड्रोन पावर स्टेशन से टकराया, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी एसबीयू ने दावा किया कि हमलों में तेल लोडिंग सुविधाओं और भंडारण टैंक पार्क को नुकसान पहुंचा। उनका कहना है कि ये हमले रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा आय पर असर डालेंगे।
रूस के तेल निर्यात पर बड़ा असर, वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक हैं और इससे वैश्विक तेल बाजार में पहले से मौजूद अनिश्चितता और बढ़ सकती है, खासकर मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच। प्रिमोर्स्क बंदरगाह से प्रतिदिन 10 लाख बैरल से अधिक कच्चे तेल का निर्यात किया जा सकता है। पिछले वर्ष उस्त-लूगा से 32.9 मिलियन टन और प्रिमोर्स्क से 16.8 मिलियन टन तेल उत्पादों का निर्यात हुआ था।
रूस ने 389 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए
रूस के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रातभर में मॉस्को समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कुल 389 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया गया। हाल के हफ्तों में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों और निर्यात मार्गों पर हमले तेज कर दिए हैं। इनका उद्देश्य रूस की आर्थिक क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब शांति वार्ताएं ठप पड़ी हैं।यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस के ऊर्जा ढांचे और तेल निर्यात पर गहरा असर डाला है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में नई चुनौतियां उत्पन्न हो सकती हैं।










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