मॉस्को,अंग भारत। रूसी विदेश मंत्रालय में विशेष दूत रोडियन मिरोशनिक ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसके मुताबिक यूक्रेन के नए सैन्य प्रमुख मिखाइल द्रापाटी के कार्यभार संभालने के बाद से कीव द्वारा रूस पर किए गए हमलों की तीव्रता और क्रूरता में भारी वृद्धि हुई है। महज कुछ ही दिनों के भीतर इन हमलों में 950 से अधिक नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें दर्जनों मासूम बच्चों की मौत भी शामिल है। यह रिपोर्ट यूक्रेन की बदलती सैन्य रणनीति और पश्चिमी देशों से मिल रही तकनीकी सहायता के बढ़ते प्रभाव को सीधे तौर पर उजागर करती है।
हमलों का नया दौर
रोडियन मिरोशनिक के अनुसार, मेजर जनरल मिखाइल द्रापाटी ने 21 जुलाई को अपना पद संभाला था। उनके आने के बाद से कीव ने अपनी रणनीति में एक खतरनाक बदलाव किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक की घटनाओं में:
- कुल 950 से ज्यादा नागरिक प्रभावित हुए हैं।
- 100 से अधिक नागरिकों की इन हमलों में जान गई है।
- 45 बच्चे इन हमलों का शिकार बने हैं, जिनमें 15 बच्चों की असमय मौत हुई है।
द्रापाटी की नई रणनीति ने विशेष रूप से आम जनजीवन को निशाना बनाया है। अब एम्बुलेंस, सार्वजनिक बसों, निजी गाड़ियों और यहां तक कि खेतों में काम करने वाली मशीनों पर भी ड्रोन हमले किए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जा रहा है।
ड्रोन हमलों की हकीकत
तास और द मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के हवाले से रोडियन मिरोशनिक का मानना है कि द्रापाटी ने अपने पूर्ववर्तियों, अलेक्जेंडर सिरस्की और मिखाइल फेडोरोव की नीतियों को और भी अधिक आक्रामक रूप दिया है। अब पश्चिमी देशों से मिले घातक ‘किलर ड्रोन’ का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जा रहा है।
सोमवार की रात हुई घटना इसका ताजा प्रमाण है, जहां ड्रोन हमलों ने निजी कंपनियों के गोदामों को तबाह कर दिया। इस बारे में कार्यवाहक क्षेत्रीय गवर्नर विटाली कोरोल्योव ने जानकारी दी कि चेखोव शहर के एक गोदाम पर हुए घातक हमले में पांच लोगों की जान चली गई, जबकि 10 अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
आर्थिक ढांचे पर प्रहार
रूस के उप विदेशमंत्री मिखाइल गलुजिन ने सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित तीसरे रूस-कजाकिस्तान मीडिया फोरम के दौरान इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने साफ कहा कि यूक्रेन सरकार अब रूस के नागरिक ठिकानों के साथ-साथ आर्थिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बनाने पर उतारू है। उनका मानना है कि यह कीव की एक सोची-समझी कोशिश है ताकि रूस की आंतरिक शांति और अर्थव्यवस्था को अस्थिर किया जा सके।
मोर्चे पर क्या स्थिति
रूस के सैन्य विशेषज्ञ आंद्रे मारोचको ने लुगांस्क से युद्धक्षेत्र की स्थिति पर विस्तृत अपडेट दिया है। उनके अनुसार, रूसी सेना ने सुमी क्षेत्र के इवोल्झांस्की सेक्टर में यूक्रेन की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ दिया है।
“हमारे सैनिकों ने नोवाया सेच के पास दुश्मन की सुरक्षा व्यवस्था में गहरी सेंध लगाई है और अब मारिनो बस्ती की ओर लगातार दबाव बना रहे हैं,” आंद्रे मारोचको ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने 29 जुलाई को ही नोवाया सेच को यूक्रेनी नियंत्रण से मुक्त कराने का दावा किया था, और अब वहां से आगे बढ़कर मारिनो बस्ती को अपने नियंत्रण में लेने की कवायद जारी है।
रणनीतिक बदलाव के परिणाम
यूक्रेन के नए सैन्य नेतृत्व द्वारा अपनाई गई इस नई आक्रामक नीति ने रूस पर दबाव जरूर बढ़ाया है, लेकिन साथ ही इससे मानवीय संकट भी गहरा गया है। युद्ध विशेषज्ञों का मानना है कि कीव का यह कदम केवल सैन्य उद्देश्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रूस की आम जनता में दहशत पैदा करने की एक रणनीति है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या रूस इस ड्रोन युद्ध का जवाब देने के लिए अपनी रक्षा प्रणालियों में और बदलाव करता है या फिर कूटनीतिक स्तर पर और दबाव बढ़ाता है।








