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प्रधानमंत्री के बयान पर बवाल, नेपाल की संसद मंगलवार तक टली

काठमांडू, अंग भारत। नेपाल की राजनीति में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी दलों के लगातार विरोध के कारण प्रतिनिधि सभा की बैठक सोमवार को भी सुचारु रूप से नहीं चल सकी। सदन में हंगामे और विरोध प्रदर्शन के चलते कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब प्रतिनिधि सभा की अगली बैठक मंगलवार दोपहर 1 बजे आयोजित होगी।

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विपक्ष के विरोध के बीच नहीं चल सकी कार्यवाही

संघीय संसद सचिवालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सोमवार को निर्धारित समय पर सदन की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण बैठक को पहले 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। इसके बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाने में कठिनाई आई।

विशेष परिस्थितियों का हवाला देकर बैठक स्थगित

संसद सचिवालय ने बताया कि प्रतिनिधि सभा नियमावली की धारा 6(3) के तहत विशेष परिस्थितियों के कारण बैठक निर्धारित समय पर संचालित नहीं की जा सकी। लगातार जारी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक असहमति के चलते कार्यवाही को अगले दिन तक टालने का निर्णय लिया गया।

प्रधानमंत्री के बयान को लेकर विपक्ष का आक्रोश

विपक्षी दल प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह द्वारा सीमा विवाद और राष्ट्रीय संप्रभुता से जुड़े मुद्दों पर दिए गए बयानों का विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रधानमंत्री की टिप्पणियां विवादित हैं और उन्होंने राष्ट्रीय हित से जुड़े संवेदनशील विषयों पर अनुचित बयान दिया है।

संसद में स्पष्टीकरण और माफी की मांग

विपक्षी सांसदों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री स्वयं संसद में उपस्थित होकर अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें। इसके साथ ही उनसे सदन में माफी मांगने और विवादित टिप्पणियों को संसदीय अभिलेख से हटाने की भी मांग की जा रही है।

सहमति नहीं बनने से बढ़ा गतिरोध

सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। कई दौर की चर्चाओं के बावजूद विवाद का समाधान नहीं निकल सका है, जिसके कारण संसद का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है।

कई दिनों से जारी है राजनीतिक टकराव

नेपाल की संसद में पिछले कई दिनों से गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष अपने रुख पर कायम है, जबकि सरकार की ओर से भी अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है जिससे विवाद समाप्त हो सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ तो संसदीय कामकाज और अधिक प्रभावित हो सकता है।

मंगलवार की बैठक पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजरें मंगलवार को होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि सरकार और विपक्ष के बीच किसी सहमति की दिशा में प्रयास किए जाएंगे ताकि संसद की कार्यवाही सामान्य रूप से संचालित हो सके और लंबित विधायी कार्य आगे बढ़ सकें।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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