पटना,अंग भारत। बिहार के शिवहर जिले के एक युवक की मुंबई में हुई हत्या के बाद उसका शव जैसे ही पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
सड़क जाम कर जताया विरोध, आगजनी भी की
जानकारी के अनुसार, शिवहर-तरियानी-मीनापुर स्टेट हाईवे को वैद्यनाथपुर गांव के पास पूरी तरह जाम कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर सड़क पर आगजनी की, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर भारी भीड़ जुट गई और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद न तो प्रशासन का कोई अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने संवेदना जताई। इस अनदेखी से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क पर बैठकर न्याय और मुआवजे की मांग शुरू कर दी।
धारावी में हुई थी युवक की हत्या
मृतक की पहचान तरियानी थाना क्षेत्र के वैद्यनाथपुर गांव निवासी अवधेश ठाकुर के 25 वर्षीय पुत्र धीरज कुमार ठाकुर के रूप में हुई है। बताया गया है कि 30 मार्च की सुबह मुंबई के धारावी माहिम फाटक इलाके में उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
एफआईआर में कई आरोपित नामजद
मामले में मृतक के भाई नीरज कुमार ठाकुर ने मुंबई के शाहूनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एफआईआर में कई लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें ओसामा मकसूद अली शेख, आवेश कलीम शाह, अज्जू यासीन शेख और मो. अरमान सुभान चौधरी शामिल हैं। परिजनों का आरोप है कि इन लोगों ने पहले पैसों को लेकर विवाद किया और फिर साजिश के तहत धीरज की हत्या कर दी।
हमले में घायल हुए परिजन, साजिश का आरोप
परिवार का कहना है कि जब धीरज ने विरोध किया तो आरोपितों ने उस पर हमला कर दिया और उसके भाइयों को भी घायल कर दिया। परिजनों के अनुसार यह पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी। उन्होंने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।
शव पहुंचते ही उग्र हुआ विरोध
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था, जिसे एंबुलेंस के जरिए गांव लाया गया। गुरुवार तड़के जैसे ही शव वैद्यनाथपुर पहुंचा, माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक प्रयास जारी हैं।










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