नगर पंचायत की योजनाओं में ‘खुली लूट’ का आरोप: हाट परिसर में घटिया निर्माण पर उठे सवाल
अमरपुर/बांका/अंगभारत| अमरपुर नगर पंचायत में संचालित विकास योजनाओं पर इन दिनों गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजनाओं में खानापूर्ति कर पैसों का बंदरबांट किया जा रहा है और गुणवत्ता को ताक पर रख दिया गया है। ताजा मामला वार्ड नंबर छह स्थित हाट परिसर का है, जहां पटिया सहित नाला निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता देखकर लोगों में भारी आक्रोश है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला निर्माण में मानक के अनुरूप ढलाई नहीं की जा रही। कहीं एक फीट तो कहीं डेढ़ फीट की ढलाई दिखाई दे रही है, जबकि छड़ बांधने की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। नाला खुदाई के बाद गड्ढे में पानी भर जाने के बावजूद आनन-फानन में ईंट बिछाकर उसके ऊपर ढलाई कर दी गई। ऐसे में निर्माण कार्य की मजबूती कितनी होगी, यह बड़ा सवाल बन गया है।और हैरानी की बात यह कि कार्यस्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना पट्ट (बोर्ड) तक नहीं लगाया गया है। किस योजना के तहत, कितनी राशि से और किस एजेंसी द्वारा काम कराया जा रहा है—इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इससे पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।मामले को लेकर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अनुराग कुमार ने कहा कि योजना से संबंधित कागजात देखने के बाद ही पूरी जानकारी दी जा सकेगी। वार्ड पार्षद को गुणवत्ता के साथ कार्य कराने का निर्देश दिया गया है तथा जांच कराई जाएगी। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।वहीं नगर पंचायत की मुख्य पार्षद रीता साहा ने स्पष्ट कहा कि नाला निर्माण में पांच इंच की ढलाई का प्रावधान है। यदि पांच इंच से कम ढलाई पाई जाती है तो निर्माण कार्य की बारीकी से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल हाट परिसर का यह निर्माण कार्य नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। अब देखना यह है कि जांच के बाद सच सामने आता है या मामला फाइलों में ही दबकर रह जाता है।

Mohan Milan