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बांका के दो लाल ने यूपीएससी में लहराया परचम

बांका,अंगभारत। शुक्रवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के घोषित परिणामों ने बांका जिले के दो होनहार युवाओं, चिरंजीवी कुमार और प्रणय प्रसून, के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया है। इन दोनों मेधावी छात्रों ने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और निरंतरता के बल पर यूपीएससी की कठिन परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। जहाँ एक तरफ जयपुर थाना क्षेत्र के कोल्हासार गांव के चिरंजीवी कुमार ने अपने दूसरे प्रयास में 755वीं रैंक हासिल कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है, वहीं अमरपुर के गोपालपुर निवासी प्रणय प्रसून ने भी नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई का संतुलन बिठाकर यह उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता न केवल उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे बांका जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है।

चिरंजीवी कुमार की सफलता

कोल्हासार पंचायत के निवासी चिरंजीवी कुमार की सफलता की कहानी धैर्य और सही मार्गदर्शन का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत रही है:

  • मैट्रिक: 2018 में अद्बैत मिशन स्कूल, शिवधाम से उत्तीर्ण।
  • इंटरमीडिएट: 2020 में रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ, देवघर से पढ़ाई पूरी की।
  • स्नातक: 2023 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित हंसराज कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की।

चिरंजीवी के पिता देवनारायण यादव, जो प्रोन्नत मध्य विद्यालय झिलसी में प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, और माता उर्मिला देवी, जो एक गृहिणी हैं, के लिए यह गर्व का क्षण है। चिरंजीवी ने अपनी तैयारी का पूरा श्रेय ऑनलाइन संसाधनों को दिया है। उन्होंने बिना किसी पारंपरिक कोचिंग के, घर पर रहकर ही डिजिटल माध्यमों से अपनी पढ़ाई को दिशा दी, जो आज के समय के छात्रों के लिए एक बड़ा संदेश है कि संसाधन सीमित होने पर भी सही रणनीति से बड़ी परीक्षा पास की जा सकती है।

प्रणय प्रसून का संघर्ष

अमरपुर प्रखंड के गोपालपुर गांव के प्रणय प्रसून का सफर एक ऐसे विद्यार्थी की कहानी है जिसने अपने जिम्मेदारियों और सपनों के बीच संतुलन बनाना बखूबी सीखा है। प्रणय के पिता अजय कुमार शर्मा, जो जवाहर नवोदय विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, बताते हैं कि प्रणय बचपन से ही मेधावी थे। उनकी शैक्षणिक योग्यता का विवरण नीचे दिया गया है:

शिक्षा का स्तर संस्थान वर्ष
मैट्रिक जवाहर नवोदय विद्यालय, मधुबनी 2011
प्लस टू जवाहर नवोदय विद्यालय 2013
बी-टेक एवं एम-टेक आईआईटी खड़गपुर 2013-2018

नौकरी के साथ तैयारी

प्रणय का सफर तब और चुनौतीपूर्ण हो गया जब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के साथ-साथ नौकरी को भी जारी रखा। वह केवल एक अभ्यर्थी नहीं थे, बल्कि अपनी पढ़ाई के दौरान उन्होंने गणित विषय के छात्रों को ऑनलाइन कोचिंग भी दी। वर्ष 2024 में बीपीएससी परीक्षा पास करने के बाद, वह वर्तमान में पटना सचिवालय के भूमि एवं राजस्व विभाग में राजस्व पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। अपनी व्यस्त दिनचर्या और सरकारी जिम्मेदारी निभाने के बावजूद, उन्होंने यूपीएससी का सपना नहीं छोड़ा और दूसरे प्रयास में ही इसे हासिल कर लिया।

युवाओं के लिए सबक

इन दोनों युवाओं की सफलता यह स्पष्ट करती है कि सिविल सेवा की तैयारी के लिए केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। चिरंजीवी कुमार और प्रणय प्रसून के उदाहरण से कुछ मुख्य बातें सीखी जा सकती हैं:

  • ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग: चिरंजीवी ने साबित किया कि डिजिटल लर्निंग से भी सफलता पाई जा सकती है।
  • समय का प्रबंधन: प्रणय ने साबित किया कि सरकारी नौकरी के साथ भी तैयारी करना असंभव नहीं है।
  • निरंतरता: दोनों छात्रों ने हार नहीं मानी और अपने दूसरे प्रयास में ही सफलता हासिल की।
  • अनुशासन: आईआईटी खड़गपुर से शिक्षा और फिर राजस्व पदाधिकारी के रूप में कार्य करना उनके उच्च स्तर के अनुशासन को दर्शाता है।

बांका जिले के लिए यह एक गौरवशाली समय है। इन दोनों युवाओं की उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सफलता निश्चित है। उनके परिजन, गांव और पूरा जिला आज उनकी इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

‘अंग भारत’ एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र है, जो मिलन ग्रुप द्वारा संचालित एक बहुआयामी मीडिया संगठन का हिस्सा है। हमारा कॉर्पोरेट कार्यालय बिहार के ऐतिहासिक अंग प्रदेश के पवित्र स्थान बांका में स्थित है। हमारा उद्देश्य निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित से जुड़ी खबरों को पाठकों तक पहुंचाना है।”

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