Founder – Mohan Milan

सामुदायिक भवन व प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण, अधिकारियों को विकास कार्य तेज करने के निर्देश

भागलपुर,अंग भारत। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ईं शैलेंद्र ने शनिवार को बिहपुर विधानसभा क्षेत्र का सघन दौरा कर कई बड़ी विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने बिहपुर-जमालपुर पंचायत के वार्ड संख्या-9 में बन रहे नए सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को तय वक्त पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया। इसके तुरंत बाद मंत्री ने प्राथमिक विद्यालय, मंडल टोला का औचक निरीक्षण कर स्कूल की बुनियादी सुविधाओं और वहां की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के सख्त निर्देश दिए। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में चल रही सरकारी योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और ढुलमुल रवैया अपनाने वाले ठेकेदारों व अधिकारियों को सीधे चेतावनी देना था।

सामुदायिक भवन का जायजा

बिहपुर-जमालपुर पंचायत के वार्ड संख्या-9 में बन रहे सामुदायिक भवन की स्थिति को देखने जब खुद मंत्री ईं शैलेंद्र पहुंचे, तो वहां काम कर रहे कर्मियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने सिर्फ ऊपर-ऊपर से ढांचा नहीं देखा, बल्कि सीमेंट, ईंट और बालू के मिश्रण की जांच भी की। ग्रामीण इलाकों में अक्सर ऐसी शिकायतें आती हैं कि सरकारी भवनों के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल होता है। इस पर रोक लगाने के लिए मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि अगर तय समय के भीतर और तय मानकों के अनुसार काम नहीं हुआ, तो सीधे कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में एक सामुदायिक भवन केवल एक कमरा नहीं होता, बल्कि यह शादी-ब्याह, सामाजिक बैठकों और बाढ़ या अन्य आपदाओं के समय स्थानीय लोगों का एकमात्र सहारा बनता है। इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह का समझौता सीधे जनता के साथ धोखा है

स्कूल में अचानक पहुंचे मंत्री

सामुदायिक भवन की समीक्षा पूरी करने के बाद मंत्री का काफिला अचानक प्राथमिक विद्यालय, मंडल टोला की तरफ मुड़ गया। इस औचक निरीक्षण की भनक स्कूल प्रशासन को पहले से नहीं थी। मंत्री ईं शैलेंद्र ने विद्यालय परिसर में कदम रखते ही सबसे पहले बच्चों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने शौचालयों की साफ-सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था और क्लासरूम की दीवारों की रंगाई-पुताई को देखा। स्कूल के सौंदर्यीकरण और पठन-पाठन के माहौल को लेकर उन्होंने वहां मौजूद शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए। उनका स्पष्ट कहना था कि बच्चों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और खुशनुमा माहौल मिलना ही चाहिए। जब तक स्कूल का वातावरण सुंदर नहीं होगा, तब तक बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। उन्होंने विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे स्कूल में आधारभूत ढांचे को और मजबूत करें ताकि गरीब परिवारों से आने वाले इन बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

विकास कार्यों की समीक्षा

मंत्री के इस पूरे दौरे के दौरान कौन-कौन सी मुख्य योजनाओं पर फोकस रहा, इसे नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:

योजना का नाम संबंधित स्थान निरीक्षण का मुख्य बिंदु
सामुदायिक भवन निर्माण वार्ड 9, बिहपुर-जमालपुर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और समय-सीमा
प्राथमिक विद्यालय का विकास मंडल टोला बुनियादी सुविधाएं और परिसर का सौंदर्यीकरण
ग्रामीण आधारभूत ढांचा बिहपुर विधानसभा क्षेत्र विकास कार्यों की निरंतरता और गुणवत्ता

जमीनी स्तर पर असर

सरकारी अमले में यह आम धारणा बन चुकी है कि फाइलों पर दिखने वाला विकास जमीन पर उतरते-उतरते दम तोड़ देता है। लेकिन जब कोई मंत्री खुद चिलचिलाती धूप में गांव की गलियों में घूमकर ईंट-गारे की जांच करता है, तो इसका असर सीधे काम की रफ्तार पर पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दौरे के बाद से ही पंचायत स्तर के अधिकारियों की सक्रियता काफी बढ़ गई है। मंत्री ईं शैलेंद्र ने मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों से भी सीधी बातचीत की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की खुद भी निगरानी करें। अगर कहीं भी घटिया काम दिखे, तो तुरंत इसकी शिकायत सीधे विभाग को भेजें। जनता की यह सजगता ही असली लोकतंत्र की पहचान है।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

बिहपुर के मंडल टोला और जमालपुर पंचायत के ग्रामीणों में इस दौरे के बाद एक नई उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेता अक्सर चुनाव के समय आते हैं, लेकिन काम की गुणवत्ता परखने के लिए इस तरह का औचक निरीक्षण वाकई जमीन पर बदलाव लाएगा।

“हमारे लिए ग्रामीण इलाकों का विकास कोई चुनावी वादा नहीं है। बेहतर सामुदायिक सुविधाएं और एक मजबूत शिक्षा व्यवस्था हमारी सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। हम हर गांव को मुख्यधारा से जोड़ना चाहते हैं और इसमें लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।”

मंत्री का यह रुख साफ करता है कि सरकार अब केवल कागजी फाइलों पर नहीं, बल्कि धरातल पर मजबूत काम देखना चाहती है। इस निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, कई प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने मंत्री के सामने अपनी अन्य स्थानीय समस्याओं को भी रखा। मंत्री ने उन समस्याओं के जल्द निपटारे का आश्वासन दिया।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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