रजौन/बांका, अंग भारत। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध स्थानीय दीप नारायण सिंह महाविद्यालय भूसिया, रजौन में बुधवार (12 अगस्त 2026) को भारत सरकार द्वारा प्रायोजित “हर घर तिरंगा अभियान” के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय नागरिकों को राष्ट्रध्वज के सम्मान के प्रति जागरूक करना और आगामी स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करना था। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से इस तिरंगा यात्रा सह तिरंगा वितरण अभियान को पूरा किया, जिसमें राहगीरों को राष्ट्रीय ध्वज वितरित किए गए। महाविद्यालय परिसर से शुरू होकर यह यात्रा मुख्य मार्ग तक गई, जहाँ छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक देशभक्ति के नारे लगाए और लोगों को तिरंगे के गौरवशाली इतिहास के बारे में बताया।
तिरंगा यात्रा का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग को देश की आजादी के उत्सव से जोड़ना है। छात्र-छात्राओं के हाथों में लहराता तिरंगा राष्ट्र की एकता और अखंडता का संदेश दे रहा था। इस दौरान एनएसएस के स्वयंसेवकों और एनसीसी कैडरों ने राहगीरों, स्थानीय दुकानदारों और आम जनता के बीच जाकर तिरंगे का सम्मानपूर्वक वितरण किया। इस पहल का सीधा प्रभाव यह हुआ कि लोगों में अपने घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराने को लेकर भारी उत्साह देखा गया। राष्ट्रीय ध्वज केवल एक राष्ट्रीय प्रतीक नहीं है, यह हमारे वीर शहीदों के बलिदान और देश की संप्रभुता का प्रतीक है। युवाओं ने इस बात को आम लोगों तक पहुँचाने का काम बहुत ही सहजता से किया। इस तरह के आयोजनों से समाज में देशभक्ति की भावना को और बल मिलता है।
एनसीसी और एनएसएस की भागीदारी
महाविद्यालय के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करने में एनएसएस और एनसीसी की भागीदारी हमेशा अग्रणी रही है। इस कार्यक्रम में भी इन दोनों इकाइयों के स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से चलाने के लिए कैडरों ने मार्ग तय किया और लोगों से सीधा संपर्क स्थापित किया। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने कुछ मुख्य गतिविधियों का संचालन किया जो इस प्रकार हैं:
- सक्रिय वितरण: मुख्य मार्ग से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को आदरपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज भेंट किया गया ताकि वे अपने घर पर इसे सम्मानपूर्वक फहरा सकें।
- जागरूकता संवाद: लोगों को बताया गया कि तिरंगा हमारे देश की आन-बान-शान है और स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर इसका प्रदर्शन हमारे नागरिक कर्तव्यों का हिस्सा है।
- अनुशासन का प्रदर्शन: एनसीसी कैडरों ने मार्च पास्ट करते हुए पूरी यात्रा के दौरान कड़ा अनुशासन बनाए रखा, जिसने राहगीरों को काफी प्रभावित किया।
भारतीय ध्वज संहिता
तिरंगा बांटने के साथ-साथ छात्र-छात्राओं ने लोगों को भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों की जानकारी भी दी। अक्सर अनजाने में लोग राष्ट्रीय ध्वज का सही रख-रखाव नहीं कर पाते हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने लोगों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि तिरंगा फहराते समय हमेशा केसरिया रंग की पट्टी सबसे ऊपर होनी चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज कभी भी जमीन या पानी को नहीं छूना चाहिए।
“राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना केवल एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन की नागरिक जिम्मेदारी है। तिरंगे का आदर करना देश का आदर करना है।”
स्वतंत्रता दिवस का उत्सव समाप्त होने के बाद अक्सर सड़कों पर गिरे हुए छोटे कागज़ या कपड़े के तिरंगे दिखाई देते हैं। छात्र-छात्राओं ने लोगों से विशेष अपील की कि वे ऐसा बिल्कुल न होने दें। यदि कहीं भी कोई तिरंगा गिरा हुआ मिले, तो उसे उठाकर सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान पर रखें। यह संदेश लोगों के दिलों को छू गया और उन्होंने इस नियम का कड़ाई से पालन करने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय ध्वज फहराने और उसके सम्मान को लेकर सरकार द्वारा निर्धारित कुछ बुनियादी नियमों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| क्या करें (Do’s) | क्या न करें (Don’ts) |
|---|---|
| तिरंगे को हमेशा ऊंचे और सम्मानजनक स्थान पर फहराएं। | कटे-फटे या गंदे तिरंगे का उपयोग कभी न करें। |
| फहराते समय केसरिया रंग हमेशा सबसे ऊपर रखें। | तिरंगे पर कुछ भी लिखना या चित्र बनाना पूरी तरह वर्जित है। |
| उत्सव के बाद ध्वज को सुरक्षित और ससम्मान मोड़कर रखें। | ध्वज का उपयोग किसी वस्तु को ढकने या लपेटने के लिए न करें। |
समारोह के प्रमुख अतिथि
इस बड़े और प्रेरणादायक आयोजन में महाविद्यालय प्रशासन का पूरा सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान दीप नारायण सिंह महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. महेंद्र प्रसाद सिंह ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया और छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। उनके साथ एनएसएस पीओ डॉ. राजीव रंजन सिंह और पूर्व एनएसएस पीओ डॉ. अनिल कुमार राव ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई और इस अभियान के महत्व को रेखांकित किया। एनसीसी एएनओ शबनम भारती ने कैडरों को दिशा-निर्देश दिए और सुनिश्चित किया कि पूरी यात्रा एक अनुशासित ढंग से संपन्न हो। शिक्षक प्रतिनिधि प्रो. सर्वोदय कुमार राव सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने इस अभियान में भाग लिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति ने इस पूरे आयोजन को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अभियान लोगों को राष्ट्रीय एकता के सूत्र में पिरोने का काम करते हैं।







