पूर्णिया,अंग भारत। आजादी के 80 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा एक विशाल और भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जो जिला स्कूल मैदान से आरंभ होकर टाउन हॉल स्थित शहीद स्मारक तक गई। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश के प्रति सम्मान व्यक्त करना और नागरिकों में राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना था। इस भव्य आयोजन में जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार (भा.प्र.से.) और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन सहित भारी संख्या में स्थानीय लोग, स्कूली बच्चे और सामाजिक संगठन शामिल हुए। पूरे रास्ते देशभक्ति के नारों और राष्ट्रध्वज की गरिमा ने शहर का माहौल पूरी तरह राष्ट्रमय कर दिया।
सुबह के समय जिला स्कूल का विशाल मैदान तिरंगे के रंगों से सराबोर था। बच्चे अपनी यूनीफॉर्म में थे, जबकि एनसीसी कैडेट्स पूरे अनुशासन के साथ कतारबद्ध खड़े थे। जीविका दीदियों की टोली भी इस यात्रा को खास बना रही थी। यात्रा जैसे ही आगे बढ़ी, स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने भी अपनी सहभागिता दर्ज कराई। लोगों के हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज इस बात के गवाह थे कि देश के प्रति प्रेम हर नागरिक के दिल में गहराई से बसा है।
यात्रा का मुख्य रूट
इस राष्ट्रीय आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रशासन ने पहले से तैयारियां की थीं। यात्रा के मुख्य बिंदुओं और इसकी संरचना को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| कार्यक्रम का बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आरंभ स्थल | जिला स्कूल मैदान, पूर्णिया |
| समापन स्थल | टाउन हॉल स्थित शहीद स्मारक |
| मुख्य अतिथि | जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार, एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन |
| प्रमुख प्रतिभागी | स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट्स, जीविका दीदियां, स्थानीय जनप्रतिनिधि |
| मुख्य संदेश | हर घर तिरंगा अभियान और राष्ट्रीय एकता का प्रसार |
शहीदों को श्रद्धांजलि
जब तिरंगा यात्रा टाउन हॉल स्थित शहीद स्मारक पर पहुंची, तो वहां का दृश्य बेहद भावुक और गरिमामयी था। देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों को नमन किया गया। जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार और पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने स्मारक पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। वहां मौजूद सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों के बलिदान को याद किया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने एक विशेष संदेश साझा किया:
“हमारा देश अपनी आजादी का 80वां वर्ष मना रहा है। इसके साथ ही, इस साल राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के भी 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह दोहरा अवसर हमारे लिए गर्व का विषय है। प्रत्येक नागरिक को देश की उन्नति में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए क्योंकि राष्ट्र हमेशा सर्वोपरि होता है।”
प्रशासन की अपील
जिला पदाधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घरों पर तिरंगा फहराना केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति हमारी निष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे इतिहास को समझें और देश की अखंडता को बनाए रखने के लिए काम करें।
वहीं, पूर्णिया के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने भी इस ऐतिहासिक जुलूस की सफलता पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस बल और नागरिक प्रशासन हमेशा जनता के साथ मिलकर काम करते हैं। इस यात्रा में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दिखाती है कि पूर्णिया के लोग अपने देश और उसकी सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के साथ खड़े हैं। उन्होंने सभी से इस अभियान को अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
जनता की भागीदारी
इस यात्रा की सफलता के पीछे मुख्य कारण समाज के हर वर्ग का इसमें जुड़ना था। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति के नारे लगाए, जिससे पूरे रास्ते में ऊर्जा का संचार हुआ। सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पानी और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग देकर नागरिक जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया।
- एनसीसी कैडेट्स का योगदान: कैडेट्स ने पूरी यात्रा के दौरान कतारों को व्यवस्थित रखा और अनुशासन की मिसाल पेश की।
- जीविका दीदियों की सक्रियता: ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिलाओं ने हाथों में तिरंगा थामकर महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रप्रेम का संदेश एक साथ दिया।
- आम नागरिकों का उत्साह: सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया और भारत माता की जय के नारे लगाए।
इस तरह का आयोजन हमें याद दिलाता है कि विविधता के बावजूद हमारी राष्ट्रीय पहचान एक है। राष्ट्रध्वज के नीचे जब पूरा पूर्णिया एक साथ चला, तो उसने अपनी एकता की एक नई मिसाल पेश की। यह दिन जिला प्रशासन की बेहतर प्लानिंग और जनता के अपार सहयोग के कारण लंबे समय तक याद रखा जाएगा।







