पटना,अंग भारत। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित ललित नारायण मिश्र आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान (LNMI) में आयोजित ‘आगाज 2026’ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान में नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत करना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026 के छह मेधावी गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को सम्मानित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम का भी लोकार्पण किया गया, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों को डिजिटल और अधिक सुलभ बनाया जा सकेगा।
शैक्षणिक सुधार और विस्तार
ललित नारायण मिश्र संस्थान बिहार की एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक धरोहर है। वर्तमान में यहाँ लगभग 1600 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने इसकी क्षमता को 3000 छात्रों तक विस्तारित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि संस्थान में प्रवेश की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कैट (CAT) एवं मैट (MAT) जैसी अखिल भारतीय स्तर की परीक्षाओं को आधार बनाया गया है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने पर संसाधनों की कमी न हो, इसके लिए भवन निर्माण विभाग द्वारा 1 एकड़ अतिरिक्त भूमि संस्थान को हस्तांतरित की जाएगी।
“बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता है ताकि वे वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ सकें।” — उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
ग्लोबल एक्सपोजर की पहल
सरकार की ‘गंगा टू ग्लोबल’ अवधारणा बिहार के छात्रों को एक नई पहचान दिलाने के लिए तैयार की गई है। इस नीति के तहत राज्य के विद्यार्थियों को विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का मौका मिलेगा। हर शैक्षणिक सत्र में लगभग 100 छात्र एक महीने की एक्सपोजर विजिट के लिए विदेश जाएंगे।
- प्रौद्योगिकी का एकीकरण: संस्थान में एआई (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।
- शोध को प्रोत्साहन: सेंटर फॉर अर्बन पॉलिसी एंड गवर्नेंस की शुरुआत।
- तकनीकी क्षमता: क्वांटम कंप्यूटर सेंटर का निर्माण।
- विस्तार: सेटेलाइट कैंपस के लिए 10 एकड़ भूमि का आवंटन।
डिजिटल शिक्षा का प्रसार
राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा चुके हैं, जहाँ 10 अगस्त से शिक्षकों की नियुक्ति के साथ पठन-पाठन निरंतर जारी है। इसके अलावा, 551 मॉडल स्कूलों के माध्यम से छात्रों को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 15 अगस्त से छात्र रात 11 बजे तक ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों से संपर्क कर अपने विषयों से जुड़े प्रश्न पूछ सकते हैं, जिससे उनकी परीक्षा तैयारी को नई गति मिलेगी।
| योजना का नाम | उद्देश्य |
|---|---|
| मॉडल स्कूल | बुनियादी शिक्षा में सुधार |
| रिवर लिंकिंग | बेहतर जल प्रबंधन और सिंचाई |
| मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट | 1 लाख करोड़ का निवेश |
सम्राट चौधरी ने कहा कि मगध की ऐतिहासिक विरासत को पुनः जीवित करना युवाओं का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे दुनिया के किसी भी कोने में कार्य करें, परंतु अपनी जड़ों और जन्मभूमि से जुड़ाव बनाए रखें। बिहार के विकास के लिए उद्योग और तकनीकी शिक्षा पर सरकार विशेष जोर दे रही है। कोशी, नारायणी और गंगा नदी बेसिन के जल प्रबंधन से आज 44 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है, जो राज्य की कृषि उन्नति का आधार है। वर्ष 2030 तक पीपीपी मोड में 200 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव तैयार किया जाएगा, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। अंत में, उपमुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रेरित किया कि वे अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए कठिन परिश्रम करें और शिक्षा को ही अपनी सफलता का माध्यम बनाएं।







