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नेपाल बाढ़ में फंसे महाराष्ट्र के 100 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने कराया रेस्क्यू, ट्रेन से हुए रवाना

पटना,अंग भारत। नेपाल में आई बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के करीब 100 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सभी तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से सीतामढ़ी लाया गया और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना कर दिया गया। महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर बिहार सरकार ने उनकी सुरक्षित वापसी की पूरी व्यवस्था की।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान

बिहार के मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव की निगरानी में सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने 28 अगस्त को तेजी से कार्रवाई शुरू की। प्रशासन की टीम ने नेपाल सीमा से सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया और उन्हें सीतामढ़ी पहुंचाया।नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। सीतामढ़ी पहुंचने के बाद उनके लिए भोजन, पीने का पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं का इंतजाम किया गया।

रात में सीतामढ़ी से पटना लाए गए

तीर्थयात्रियों को आगे की यात्रा के लिए 29 अगस्त की रात करीब 2:30 बजे सीतामढ़ी से पटना लाया गया। पटना जिला प्रशासन ने सभी लोगों के ठहरने की व्यवस्था ओपी साह सामुदायिक भवन में की।यहां तीर्थयात्रियों को भोजन और रहने की सुविधा देने के साथ उनकी चिकित्सा जांच भी कराई गई। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि महाराष्ट्र भेजे जाने तक यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

रेलवे से समन्वय कर ट्रेन में जोड़ी गईं अतिरिक्त बोगियां

तीर्थयात्रियों की जल्द और सुरक्षित घर वापसी के लिए बिहार सरकार ने रेलवे से संपर्क किया। मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष के साथ समन्वय कर यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था कराई।इसके बाद पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में दो अतिरिक्त बोगियां जोड़ी गईं। 29 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे सभी तीर्थयात्रियों को विशेष व्यवस्था के तहत ट्रेन से महाराष्ट्र के लिए रवाना कर दिया गया।इस व्यवस्था से यात्रियों को अलग-अलग साधनों से यात्रा करने की परेशानी से भी राहत मिली और वे एक साथ अपने गृह राज्य के लिए रवाना हो सके।

तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार का जताया आभार

सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से घर वापसी की व्यवस्था होने के बाद तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार और प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने मुश्किल समय में तुरंत मदद पहुंचाने और नेपाल से सुरक्षित निकालकर पटना तक लाने के लिए अधिकारियों को धन्यवाद दिया।तीर्थयात्रियों ने खास तौर पर सीतामढ़ी और पटना जिला प्रशासन की भूमिका की सराहना की। उनका कहना था कि बाढ़ जैसी मुश्किल स्थिति में प्रशासन ने जिस तेजी और संवेदनशीलता के साथ काम किया, उससे उन्हें काफी राहत मिली।

संकट के समय सामने आया बेहतर तालमेल

इस पूरे रेस्क्यू अभियान में बिहार सरकार, जिला प्रशासन और रेलवे के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। नेपाल में बाढ़ के कारण जहां तीर्थयात्रियों की यात्रा मुश्किल हो गई थी, वहीं बिहार प्रशासन ने उन्हें सीमा से सुरक्षित निकालने से लेकर घर भेजने तक की जिम्मेदारी संभाली।सीतामढ़ी में शुरुआती राहत व्यवस्था से लेकर पटना में ठहरने और चिकित्सा जांच तक प्रशासन ने जरूरी इंतजाम किए। इसके बाद रेलवे के साथ समन्वय कर ट्रेन में अतिरिक्त बोगियां जोड़कर यात्रियों को महाराष्ट्र रवाना किया गया।करीब 100 तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के साथ यह अभियान पूरा हुआ। बाढ़ जैसी आपदा के बीच दूसरे राज्य के नागरिकों की मदद के लिए बिहार सरकार की ओर से की गई इस पहल को मानवीय सहयोग और प्रशासनिक समन्वय की मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।

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अंग भारत • रिपोर्टर

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