काठमांडू,अंग भारत। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के बाद केरूंग इलाके से 546 लोगों के लापता होने की खबर है। चीन के सरकारी टेलीविजन सीसीटीवी के मुताबिक, लापता लोगों में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इनमें नेपाली नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा है। चीन के अधिकारियों के अनुसार, 104 नेपाली और 49 भारतीय नागरिक अब तक लापता बताए जा रहे हैं।
23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता
सीसीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, लापता विदेशी नागरिकों में नेपाल के 104 और भारत के 49 लोग शामिल हैं। इसके अलावा लातविया के 33, अमेरिका के 18 और ब्रिटेन के 15 नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के छह-छह नागरिक लापता हैं। दक्षिण अफ्रीका के चार, जबकि मलेशिया, जर्मनी और रूस के तीन-तीन नागरिकों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
कई देशों के नागरिकों का नहीं मिला सुराग
फ्रांस, न्यूजीलैंड, एस्टोनिया और आयरलैंड के दो-दो नागरिक लापता बताए गए हैं। वहीं फिनलैंड, नीदरलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन और हंगरी के एक-एक नागरिक के लापता होने की जानकारी दी गई है।बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से इलाके में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर राहत और खोजबीन का काम जारी है।
दूतावासों को दी गई आधिकारिक जानकारी
चीनी अधिकारियों ने लापता विदेशी नागरिकों की जानकारी संबंधित देशों के दूतावासों और कांसुलर सेवाओं को औपचारिक रूप से दे दी है। इससे प्रभावित देशों को अपने नागरिकों के बारे में जानकारी जुटाने और आगे की कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।चीन के सरकारी प्रसारक के अनुसार, लापता लोगों का यह आंकड़ा विदेश मंत्रालय, सार्वजनिक सुरक्षा, संस्कृति एवं पर्यटन और आपातकालीन प्रबंधन समेत कई सरकारी एजेंसियों के बीच जांच और आपसी समन्वय के बाद तैयार किया गया है।केरूंग में बाढ़ की इस घटना ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर नेपाल और भारत के लिए यह मामला गंभीर है, क्योंकि बड़ी संख्या में दोनों देशों के नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।








