सुपौल,अंग भारत। राष्ट्रीय खेल दिवस और महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के मौके पर 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बीरपुर की ओर से 29 और 30 अगस्त को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कमांडेंट गौरव सिंह के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशन में हुआ। दो दिनों तक चले आयोजन में एसएसबी के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
हॉकी, फुटबॉल और वॉलीबॉल में जवानों ने लिया हिस्सा
खेल दिवस के अवसर पर जवानों के लिए हॉकी, फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसके अलावा साइकिल रैली भी निकाली गई। अलग-अलग प्रतियोगिताओं में वाहिनी की टीमों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया।मैदान पर जवानों के बीच मुकाबला देखने लायक रहा। खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन के साथ अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया। एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर खेलते हुए जवानों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की मिसाल पेश की।
शारीरिक दक्षता के साथ टीम भावना पर जोर
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि इन खेल गतिविधियों का मकसद जवानों को शारीरिक रूप से फिट रखने के साथ उनमें अनुशासन, टीम भावना, आपसी सहयोग और समन्वय को मजबूत करना है। ड्यूटी के दौरान जवानों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना जरूरी है।खेलों के जरिए जवानों को तनाव से राहत मिलने के साथ उनके आत्मविश्वास और मनोबल को भी बढ़ावा मिलता है। प्रतियोगिताओं के दौरान जवानों ने खेल भावना के साथ एक-दूसरे का उत्साह बढ़ाया।
‘फिट इंडिया’ का संदेश दिया
राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन के माध्यम से ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ और ‘फिट इंडिया’ के संदेश को भी आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन किसी भी बल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।साइकिल रैली के जरिए भी जवानों को नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजन में जवानों की भागीदारी से पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।
जवानों के सर्वांगीण विकास पर जोर
45वीं वाहिनी एसएसबी, बीरपुर की ओर से कहा गया कि जवानों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी इस तरह की खेल गतिविधियां आयोजित की जाती रहेंगी।अधिकारियों के अनुसार, खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जवानों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आपसी विश्वास और टीम के साथ मिलकर काम करने की भावना भी मजबूत होती है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम इसी उद्देश्य की दिशा में एक पहल रहा।







