बड़हरा कोठी, पूर्णिया,अंग भारत। प्रखंड के ग्राम पंचायत दिवरा धनी स्थित पंचायत भवन में मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में अपनी अलग-अलग समस्याओं को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। सुबह से शुरू हुआ लोगों के आने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए काउंटर पर ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया।
दीप जलाकर किया गया शिविर का उद्घाटन
सहयोग शिविर का विधिवत उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी अश्वनी कुमार, अंचलाधिकारी मोहन कुमार शर्मा, स्वास्थ्य प्रबंधक आलोक कुमार वर्मा, ललन कुमार मंडल, प्रखंड बाल विकास पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी और प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष ठाकुर चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने अलग-अलग विभागों के काउंटर का जायजा लिया। ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई और संबंधित कर्मियों को मामलों के जल्द समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
जमीन से लेकर राशन कार्ड तक की शिकायतें
शिविर में सबसे अधिक लोग भूमि से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जनवितरण प्रणाली, राशन कार्ड, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, नल-जल योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी शिकायतें भी ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने रखीं।अधिकारियों ने काउंटर पर पहुंचे लोगों को संबंधित योजनाओं और उनके लिए जरूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव था, उनका वहीं निष्पादन किया गया। बाकी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
महिलाओं की संख्या रही अधिक
शिविर में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक देखी गई। बड़ी संख्या में महिलाएं सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं लेकर पहुंचीं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने महिलाओं की समस्याओं को सुना और आवेदन जमा कराए।ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत स्तर पर इस तरह का शिविर लगने से उन्हें प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलती है। एक ही जगह कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहने से समस्याओं को सामने रखना आसान हो जाता है।
164 आवेदन मिले, 70 का हाथों-हाथ समाधान
शिविर का नेतृत्व कर रहे प्रखंड विकास पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने बताया कि पंचायत स्तरीय सहयोग शिविर में विभिन्न विभागों के काउंटर पर कुल 164 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 70 आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।उन्होंने बताया कि शिविर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जनवितरण प्रणाली, बिजली और भूमि विवाद से संबंधित समस्याओं के आवेदन अधिक मिले। उन्होंने संबंधित विभागों के कर्मियों को लंबित मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द निपटाने का निर्देश दिया।
ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड होंगे आवेदन
प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष सह पंचायत के मुखिया ठाकुर चंदन कुमार सिंह ने बताया कि शिविर में विभिन्न विभागों से प्राप्त आवेदनों को सहयोग शिविर के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभागों को आवेदन भेजे जाएंगे।उन्होंने बताया कि प्रत्येक आवेदन के निष्पादन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत 30 दिनों के अंदर कार्रवाई करने का प्रावधान है। इससे ग्रामीणों को अपनी शिकायत के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पंचायत में भूमि विवाद सबसे बड़ी समस्या
मुखिया ठाकुर चंदन कुमार सिंह ने कहा कि उनकी पंचायत में भूमि से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक हैं। ग्रामीणों के बीच जमीन की मापी, सीमा और अन्य विवादों से संबंधित मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे मामलों को संबंधित विभाग के माध्यम से नियमानुसार सुलझाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने शिविर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वागत भी किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अंग वस्त्र और फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया।
ग्रामीणों में दिखी खुशी
मुखिया ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से शुरू की गई इस तरह की पहल प्रशासन और आम लोगों के बीच की दूरी कम करने में मदद कर रही है। पंचायत स्तर पर अधिकारियों के पहुंचने से ग्रामीण अपनी समस्या सीधे उनके सामने रख पा रहे हैं।शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और मौके पर कई आवेदनों के निष्पादन से ग्रामीणों में खुशी देखी गई। लोगों ने कहा कि अगर इसी तरह पंचायत स्तर पर नियमित रूप से सहयोग शिविर लगाए जाएं तो छोटी-बड़ी सरकारी समस्याओं के समाधान में काफी सुविधा होगी।







