पूर्णिया,अंग भारत। जिले के बी कोठी प्रखंड के भटोत्तर गांव से बड़ी खबर सामने आई है। गांव में स्थित ऐतिहासिक मां काली मंदिर पर शनिवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर के ऊपरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। तेज गरज और बारिश के बीच अचानक मंदिर के मुख्य शिखर पर बिजली गिरने से पूरे इलाके में जोरदार आवाज गूंजी। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मंदिर के अंदर कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था। इस वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
तेज गरज के बीच अचानक गिरा ठनका
ग्रामीणों के मुताबिक, शनिवार सुबह इलाके में तेज बारिश हो रही थी। आसमान में बादल छाए हुए थे और लगातार गरज की आवाज सुनाई दे रही थी। इसी दौरान अचानक मां काली मंदिर के मुख्य शिखर पर आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली इतनी तेज थी कि कुछ पल के लिए आसपास के लोग भी सहम गए।बिजली गिरने के बाद मंदिर के शिखर की बाहरी परत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। शिखर में भी बड़ी दरार आ गई है। मंदिर के ऊपरी हिस्से को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बिजली गिरने का असर काफी तेज था।
बाल-बाल बचे श्रद्धालु
घटना के समय मंदिर के अंदर कोई श्रद्धालु नहीं था। आमतौर पर सुबह के समय यहां पूजा-पाठ के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में अगर बिजली गिरने के समय मंदिर के अंदर श्रद्धालु मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।ग्रामीणों ने बताया कि मां काली मंदिर गांव और आसपास के इलाके के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां नियमित रूप से लोग पूजा करने पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर के शिखर पर बिजली गिरने की घटना ने लोगों को चिंता में डाल दिया है।
सैकड़ों साल पुराना बताया जाता है मंदिर
स्थानीय लोगों के अनुसार, भटोत्तर गांव का मां काली मंदिर काफी पुराना है और इसे सैकड़ों साल पुराना बताया जाता है। मंदिर से आसपास के गांवों के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। यहां दूर-दूर से भी श्रद्धालु मां काली के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं है, बल्कि गांव की पुरानी पहचान और धार्मिक परंपरा से भी जुड़ा हुआ है। मंदिर के शिखर को नुकसान पहुंचने से ग्रामीणों में दुख का माहौल है। लोगों ने मंदिर की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि पूजा-पाठ में किसी तरह की परेशानी न हो।
बिजली की आवाज से सहमे लोग
ग्रामीणों ने बताया कि आकाशीय बिजली गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि करीब दो किलोमीटर दूर तक लोगों ने इसे सुना। तेज धमाके जैसी आवाज सुनकर कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में लोगों को जानकारी मिली कि मंदिर के शिखर पर ठनका गिरा है।इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर में पहुंच गए। लोग मंदिर के आसपास जमा होकर नुकसान का जायजा लेने लगे। मंदिर के शिखर से टूटकर गिरे हिस्सों को देखकर ग्रामीणों में चिंता और बढ़ गई।
प्रशासन से जांच और मरम्मत की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर का निरीक्षण कराने और नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मंदिर का शिखर काफी ऊंचा है और उसमें बड़ी दरार आने के कारण आगे किसी तरह की परेशानी हो सकती है। इसलिए विशेषज्ञों से मंदिर की स्थिति की जांच कराना जरूरी है।ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि मंदिर की ऐतिहासिक संरचना को ध्यान में रखते हुए मरम्मत का काम कराया जाए, ताकि पुराने स्वरूप को नुकसान न पहुंचे। साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की भी मांग की गई है।
बड़ी घटना टली
मां काली मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरने की यह घटना भले ही मंदिर के लिए नुकसानदेह रही, लेकिन गनीमत रही कि किसी व्यक्ति की जान नहीं गई। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह के समय मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। ऐसे में कुछ मिनट का अंतर भी बड़ी घटना का कारण बन सकता था।फिलहाल मंदिर के शिखर को हुए नुकसान के बाद ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। लोग चाहते हैं कि मंदिर की जल्द जांच कराकर जरूरी मरम्मत शुरू कराई जाए और ऐतिहासिक मंदिर को सुरक्षित रखा जाए।







