सुपौल,अंग भारत। जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मंदिरों और पूजा पंडालों को आकर्षक तरीके से सजाया गया। कहीं फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से मंदिरों की सजावट की गई, तो कहीं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी आकर्षक झांकियां तैयार की गईं। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
बच्चों ने कृष्ण-राधा का रूप धरकर मोहा मन
जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण, राधा और सुदामा का रूप धारण किया। नन्हे बाल गोपालों के सिर पर सजे मोर पंख, हाथों में बांसुरी और कृष्ण की आकर्षक पोशाक लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रही।बच्चों ने कृष्ण की बाल लीलाओं को भी अपने अंदाज में प्रस्तुत किया। बच्चों की मासूम अदाओं और कृष्ण के रूप में उनकी मनमोहक प्रस्तुति को देखकर श्रद्धालु काफी खुश नजर आए। कई जगह अभिभावकों ने बच्चों की तस्वीरें भी खींचीं और उनके साथ यादगार पल बिताए।
कृष्ण की बाल लीलाओं और गीता पर चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की नटखट बाल लीलाओं और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों पर चर्चा के साथ हुई। वक्ताओं ने भगवान कृष्ण के जीवन और उनके विचारों के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें मुश्किल परिस्थितियों में भी सही रास्ते पर चलने और अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाने की सीख देता है।लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में भी श्रीकृष्ण के विचार लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
मटकी फोड़ कार्यक्रम बना आकर्षण
जन्माष्टमी समारोह के दौरान कई स्थानों पर मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवाओं और बच्चों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मटकी फोड़ने के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।कई पूजा स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने गीत, नृत्य और धार्मिक प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन किया। शाम होते ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी।
जगह-जगह बने आकर्षक पंडाल
सुपौल जिला मुख्यालय के करणपुर, बसबिट्टी, रामदत्तपट्टी सहित कई इलाकों में जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन किए गए। विभिन्न स्थानों पर आकर्षक पंडाल बनाए गए थे। पंडालों में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी झांकियां सजाई गई थीं।कई जगहों पर रात में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कुछ स्थानों पर आर्केस्ट्रा कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजन समितियों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा सतर्क
जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। विभिन्न पूजा स्थलों और भीड़ वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया था।श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रमुख स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बनी रही। प्रशासन का प्रयास रहा कि पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
तीन दिनों तक चलेगा आयोजन
आयोजन समितियों के अनुसार, जिले के कई स्थानों पर जन्माष्टमी का कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, झांकी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।जन्माष्टमी को लेकर पूरे जिले में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।बच्चों का कृष्ण और राधा के रूप में सजना इस बार के आयोजन का खास आकर्षण रहा। नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियों ने न केवल श्रद्धालुओं का मन मोहा, बल्कि जन्माष्टमी के पूरे माहौल को और भी जीवंत बना दिया।







